- नहरों में पानी नहीं आने पर डीजल इंजन चलाकर सिंचाई करने को मजबूर हुए किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
दाहा। चौगामा नहर परियोजना की नहरों की सफाई नहीं होने और पानी नहीं आने से किसान परेशान है। क्योंकि खेतों की सिंचाई के लिए किसानों को मशक्कत करनी पड़ रही है और डीजल इंजन का इस्तेमाल भी करना पड़ रहा है। जिससे किसानों की जेब भी ढीली हो रही है।
चौगामा क्षेत्र में चौगामा नहर परियोजना की तीन शाखा है। जिनकी सफाई नहीं होने के कारण झाड़ियां उगी हुई है। किसानों ने बताया कि एक जुलाई से 30 अक्तूबर तक पानी चलाने का रोस्टर जारी होने के बाद भी नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया। अब सितंबर माह का एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन पानी नहीं छोड़ा गया। किसानों के अनुसार पानी नहीं छोड़े जाने के कारण खेतों में खड़ी धान, गन्ने की फसल की सिंचाई के लिए किसानों को ज्यादा खर्चा करना पड़ा। किसानों ने सिंचाई विभाग से पानी छोड़ने की मांग की।
किसानों की समस्या पर अफसरों का ध्यान नहीं
चौगामा नहर में एक जुलाई से लेकर 31 अक्तूबर तक पानी सप्लाई देने का रोस्टर है, लेकिन किसानों की समस्या पर अफसरों का ध्यान नहीं है। जिस कारण किसान सिंचाई पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे है। पुष्पेंद्र राणा, किसान
नहर में नहीं आया पानी
चौगामा नहर परियोजना पूरी होने के बाद अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया। पानी छोड़ने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सफाई भी नहीं कराई और बरसात में भी नजर सूखी रही। मांगेराम, किसान
फसलों की सिंचाई पड़ रही महंगी
पूर्व प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए चौगामा नहर परियोजना की शुरुआत की थी। जिसके पूरी होने के बाद भी किसानों को खेतों में खड़ी फसल की सिंचाई के लिए जूझना पड़ रहा है। किसानों की सुविधा के लिए नहर की सफाई कराकर पानी छोड़ा जाए। विकास राणा, किसान
वर्जन-
हर साल चौगामा नहर परियोजना की निरपुड़ा वाली नहर में किसानों की सुविधा के लिए एक सप्ताह पानी चलाया गया था। इस बार दूसरी नहर में पानी चलाया जा रहा है। जल्द ही सभी नहरों की सफाई भी करा दी जाएगी और सिंचाई के लिए टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा। अमित चौधरी, सहायक अभियंता, चौगामा नहर परियोजना।