पूर्वी यमन नहर में पानी नहीं होने से तीन जिलों के हजारों किसानों की लहराती फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। आलम यह है कि क्षेत्रवासियों की बार-बार शिकायत के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
इसको लेकर क्षेत्रवासियों में विभागीय अफसरों के प्रति आक्रोश पनपता जा रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्रदेश मेें भले ही सत्ता परिवर्तन हो गया हो, लेकिन किसानों की दुर्दशा अभी वैसी ही है।
एक तरफ चीनी मिलें किसानों के गन्ने का करोड़ों रुपये बैठी है, ऊपर से अब जो फसल खेत में लहरा रही है, उस पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। करीब डेढ़ माह से पूर्वी यमन नहर सूखी पड़ी है।
इस कारण इस नहर से जुडे़ शामली, बागपत व गाजियाबाद जनपद के किसानों की फसलें सूखकर बर्बाद हो रही है। किसान सिंचाई विभाग के अफसरों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
ग्राम प्रधान छछरपुर अनिल कुमार एडवोकेट, रूपेंद्र तोमर, यशवीर सिंह तोमर, जयवीर सिंह, तोमर, राजवीर सिंह आदि का कहना है कि कई दिनों से लगातार कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न तो अधिकारी कार्यालय में मिल रहे और न ही क्षेत्र मेें। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जब इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ दिनेश शर्मा व जेई वीरपाल पंवार से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि अभी ऊपर से पानी नहीं मिल रहा है। पानी आते ही छोड़ दिया जाएगा।