बागपत, बड़ाैत। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में डिपो से सौ बसें भेजने का लक्ष्य दिया गया है। दो दिन बाद रोजाना करीब 15 बसों को भेजना शुरू कर दिया जाएगा। इससे बसों की कमी से शहर व देहात में परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ेगा। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।रोडवेज डिपो के रिकाॅर्ड में निगम की 113 और 44 अनुबंधित बसें हैं। इनके अलावा 10 बसें हाल ही डिपो को मिली हैं, जिनके अभी रूट तय नहीं किए गए हैं। अभी पुरानी 157 बसों का ही शहर व देहात के विभिन्न रूटों पर संचालन किया जा रहा है। प्रयागराज में महाकुंभ में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिपो से 100 बसों को प्रयागराज भेजा जाना है। बसों के प्रयागराज जाने से डिपो के पास 57 बसें पुरानी व दस बस नई मिली रहेगी। बसों के टोटे से विभिन्न रूटों पर परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ेगा। पहले ही परिवहन व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही हैं और यात्रियों को डग्गामार वाहनों में सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
- इन रूटों पर होगी बसों की कमी
बस संचालन प्रभारी ने बताया कि बड़ौत से दिल्ली, शामली, मुजफ्फरनगर, छपरौली, सहारनपुर, मेरठ समेत अन्य रूटों पर यात्रियों को बसों की कमी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वहीं बड़ौत से रमाला-टांडा, अमीनगर सराय, कोताना, दाहा-बरनावा पर पहले से ही इक्का-दुक्का बसों का संचालन किया जा रहा हैं, जो बराबर जारी रहेगा। जहां पर यातायात पर असर नहीं पड़ेगा।
वर्जन - प्रयागराज में महाकुंभ में डिपो से 100 से अधिक बसें जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। - प्रमोद कुमार, बस संचालन प्रभारी बड़ौत डिपो