दिल्ली बस स्टैंड पर डग्गामार वाहनों में सवार यात्री (
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बड़ौत। परिवहन निगम के अफसरों की अनदेखी के चलते नगर व देहात के मुख्य मार्गों से शाम होते ही बसें गायब हो जाती हैं। नतीजतन यात्रियों को दोगुना किराया देकर डग्गामार वाहनों में जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। यात्रियों ने परिवहन विभाग के अफसरों पर डग्गामार वाहन चालकों के साथ साठगांठ का आरोप लगाते हुए जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
निगम रिकार्ड के अनुसार बड़ौत डिपो के पास 55 बसें निगम व 35 बसें अनुबंधित हैं। जिनका निगम अधिकारी देर रात्रि तक मुख्य मार्गो पर संचालन दर्शाते हैं। हकीकत यह है कि शाम होते ही बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग, बड़ौत-छपरौली मार्ग समेत अन्य मुख्य मार्गों से बसें गायब हो जाती हैं। ऐसे मेें जनपद का जो यात्री दिल्ली या अन्य स्थानों से घर जाने के लिए देर शाम नगर पहुंचता है तो उन्हें घंटों इंतजार के बाद भी बसें नहीं मिलीं। मजबूरी में या तो उन्हें फोन करके निजी वाहन बुलाना पड़ता है या फिर डग्गामार वाहनों में दोगुना किराया देकर सफर करना पड़ रहा है।
लुहारी गांव के सुधीर दांगी, किरठल गांव के पुष्पेन्द्र चौहान, मलकपुर के मोहित तोमर का कहना है कि मुख्य मार्गों पर बसों का संचालन ठप है। दिन मेें दो-चार बसों के अतिरिक्त शाम होते ही मुख्य मार्गों से बसें गायब हो जाती हैं। जिस कारण मजबूरी में दोगुना किराया देकर डग्गामार वाहनों में जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद अधिकारी मूकदर्शक बने हैं। उन्होंने निगम अफसरों पर डग्गामार वाहन चालकों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मुख्य मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की। मांग पूरी न होने पर निगम कार्यालय पर धरना देने की चेतावनी दी। उधर, स्टेशन प्रभारी नरेंद्र मान के अनुसार पर्याप्त संख्या में मार्गों पर बसें संचालित हैं। यदि फिर भी यात्रियों को दिक्कतें हो रही है तो बसों के फेरे बढ़ा दिए जाएंगे।