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शाम होते ही मुख्य मार्गों पर नहीं मिलती बसें

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दिल्ली, सहारनपुर व मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ रही परेशानियां
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बड़ौत। शाम होते ही बड़ौत डिपो की रोडवेज बसों के पहिए थम जाते है। बड़ौत से दिल्ली, सहारनपुर व मुजफ्फरनगर जैसे मुख्य मार्गों पर भी बसें नहीं मिलती। इस कारण मजबूरी में यात्रियों को या तो अपने निजी वाहनों से अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है या फिर डग्गामार वाहन का सहारा लेना पड़ता है। यात्रियों की समस्या पर रोडवेज अधिकारी चुप है।
विभागीय रिकार्ड के अनुसार बड़ौत डिपो के पास 70 निगम और 48 बसें अनुबंधित है। मगर, अधिकांश बसों की सेवा आपको केवल दिन के समय ही मिल सकती है, क्योंकि शाम होते ही बसों के पहिये थम जाते है। इस कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कतें दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को होती है। बागपत से दिल्ली मात्र 60 किलोमीटर दूर है। बहुत से लोग दिल्ली में नौकरियां करते है, लेकिन शाम के समय उन्हें परिवहन सेवाओं से वंचित रहना पड़ता है। यहीं हाल सहारनपुर व मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाले यात्रियों का भी है। देहात क्षेत्र के लोग तो शाम होने से पहले ही अपने गंतव्य तक पहुंच जाते है। उन्हें पता है कि शाम को आपको बसें नहीं मिलेगी।
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डग्गामार वाहनों की चांदी
शाम के समय मुख्य मार्गों से रोडवेज बसों के गायब होने से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। डग्गामार वाहन चालक दोगुना किराया यात्रियों से वसूलते है।
ये बोले यात्री-----
असारा गांव निवासी आरिफ मलिक ने बताया कि किसी न किसी काम से 10 या 15 दिन में एक बार दिल्ली जाना पड़ता है। दो साल से दिल्ली की ओर जाने वाले रोडवेज बसें शाम को नहीं मिली है। रोडवेज बस स्टैंड से या तो वे लिफ्ट लेकर पहुंचे है या फिर अपने निजी वाहन से। सुनील व अमित का कहना है कि विभागीय काम से कई बार सहारनपुर व मुजफ्फरनगर जाना पड़ता है। शाम के समय दिक्कतें उत्पन्न हो जाती है। बड़ौत डिपो की सेवाएं बिल्कुल सुचारु नहीं है।
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रोडवेज बसों का संचालन सही है। शाम के समय कुछ जगहों से बसों के न होने की शिकायत मिली है, इसको दिखवा लिया जाएगा। फिलहाल कोरोना महामारी के चलते दिल्ली, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में हमारी बसों का प्रवेश बंद है। - नरेन्द्र मान, बस संचालन प्रभारी।
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