संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गेहूं की कटाई नजदीक आते ही यूपी-हरियाणा सीमा विवाद बढ़ने लगा है। कोताना के बाद पाली गांव के यमुना खादर में सोनीपत के अफसरों के साथ वहां के किसान फसल काटने पहुंच गए। पाली के किसानों ने विरोध कर हंगामा किया तो यहां के अफसरों ने आपत्ति जताई। इसके बाद बिना फसल काटे ही सोनीपत के किसानों को वापस लौटना पड़ा। शनिवार को पाली गांव के किसानों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन भी किया।
तीन दिन पहले सोनीपत जिले के पबनेरा गांव के किसानों ने कोताना के यमुना खादर में ट्रैक्टर चलाकर किसानों की 50 बीघा से अधिक फसल बर्बाद कर दी थी। इसमें शिकायत मिलने पर अफसरों ने जांच शुरू कर दी। शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे पाली गांव के किसानों ने बताया कि दीक्षित अवार्ड से जुड़ा रिकॉर्ड बागपत के अफसरों ने सोनीपत के अफसरों को भेज दिया था। कई माह पहले सोनीपत के अफसरों ने पत्र भेजकर पाली में जमीन नहीं मिलने की जानकारी दी थी, जिस पर आपत्ति दर्ज कराई गई। शुक्रवार को सोनीपत के अफसरों के साथ कुछ किसान उनके गांव के यमुना खादर में जमीन पर कब्जा कर फसल काटने के लिए आए थे। इसका उन्होंने विरोध किया और पुलिस के साथ प्रशासनिक अफसरों को भी वहां बुलाया।
हमने उगाई फसल, हम ही काटेंगे : पाली गांव के किसान सत्यपाल सिंह, रामभजन, प्रताप, गजेंद्र सिंह, प्रवेश ने बताया कि जमीन उनकी है और हरियाणा के किसान कब्जा कर फसल काटना चाहते हैं। इसमें मंगलवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। उन्होंने ही फसल उगाई है और काटेंगे भी। हरियाणा के किसानों को फसल नहीं काटने दी जाएगी।