बागपत। यहां प्रदूषण कम नहीं हो रहा, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रदूषण लगातार होने के कारण लोगों के शरीर के अंग प्रभावित होने लगे हैं और वे लंबी बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। यहां रविवार को भी एक्यूआई 312 रहा, जिससे यहां स्मॉग भी छाया रहा और लोगों को इस कारण परेशानी झेलनी पड़ी।
बागपत में पिछले महीने से एक्यूआई बढ़ना शुरू हो गया था, जो अभी तक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। चिकित्सकों के पास भी सांस, आंख में जलन के साथ ही गले में समस्या होने के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। प्रदूषण के कारण त्वचा रोगी भी बढ़ने लगे हैं तो फेफड़ों में समस्या होने लगी है। इनके अलावा भी काफी ऐसे अंगों को प्रदूषण ने प्रभावित करना शुरू कर दिया है, जिससे लोग लंबी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
प्रदूषण लगातार होने से आंख, गला, फेफड़े, हृदय, किडनी, लीवर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। आंखों में जलन व खुजली, गले में खराश व खांसी आना, सांस लेने में परेशानी, सिरदर्द, सुस्ती आना, पेट में दर्द होना आदि बीमारियां हो रही हैं। प्रदूषण लगातार होने से तनाव, उच्च रक्तचाप, हृदय, अस्थमा, फेफड़ों की क्षमता प्रभावित होने जैसी बीमारियां हो रही हैं।
इस तरह कर सकते हैं बचाव
प्रदूषण से बचने के लिए आंखों पर चश्मा लगाकर बाहर निकलें। आंखों को पानी से साफ करते रहें। बाहर निकलने पर मास्क का इस्तेमाल करें। गर्म पानी से गरारे करने के साथ ही समय-समय पर भाप लेते रहें। अस्थमा व सांस के मरीज बचाव करने के साथ ही नियमित दवाई का इस्तेमाल करें।
आरोग्य मेले में सांस व त्वचा रोग के ज्यादा
जिले में रविवार को 23 स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले में आयोजित किए गए। जिनमें 1098 मरीज पहुंचे और इनमें सांस व त्वचा रोग के 200 से ज्यादा मरीज रहे। बुखार के मरीज कुछ कम हुए हैं तो ब्लड प्रेशर के मरीज भी बढ़े हैं। जिनको सांस लेने में ज्यादा समस्या हो रही है, उनके फेफड़े भी प्रभावित हुए हैं।
प्रदूषण के कारण लोगों की परेशानी जरूर बढ़ी है। आंखों में जलन व गले की समस्या सबसे ज्यादा हो रही है तो अब फेफड़े भी प्रदूषण के कारण प्रभावित होने लगे हैं। त्वचा रोग की समस्या भी प्रदूषण के कारण हो रही है। डा. महावीर सिंह, सीएमओ