विकास भवन में काली पट्टी बांधकर कार्य करते कर्मचारी।
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बागपत विकास भवन में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास परिषद के कार्यकर्ताओं ने मांगों के विरोध में काली पट्टी बांधकर कार्य किया। बताया कि खंड स्तरीय प्रशासन का सुदृढ़ीकरण एवं 14वें वित्त आयोग के अनुदान विषयक शासनादेश के जारी नहीं होने एवं ग्राम्य विकास की अन्य मांगों के संबंध में आंदोलन चल रहा है।
उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास महा परिषद के एमएल पटेल परियोजना निदेशक ने बताया कि 28 जनपदों में मुख्य विकास अधिकारी के पदों पर प्रदेशित विकास सेवा के लिए आरक्षित पदों को स्थाई किया जाए। जिला पंचायत अधिनियम 1961 द्वारा प्रदत्त अधिकारों एवं कर्तव्यों में कोई कटौती न की जाए। वेतन के संबंध में रिजवी समिति की संस्तुतियों का लागू कराए।
प्रत्येक विकास खंड पर दो सहायक विकास अधिकारी एवं एक संयुक्त खंड विकास अधिकारी के पदों का सृजन किया जाए। पदनाम एवं वेतनमान संशोधित किए जाने की आयुक्त, ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश की संस्तुति पर शासनादेश जारी किया जाए। क्लास-2 के ग्रेड वेतन 5400 रुपये पदोन्नति के अवसर प्रदान करने हेतु आयुक्त, ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश की संस्तुति पर शासनादेश जारी कराते हुए पदोन्नति का प्रावधान किया जाए।
चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की शत प्रतिशत पूर्ति निर्धारित व्यवस्था के अंतर्गत की जाए। 700 रुपये प्रति माह बाइक भत्ता दिया जाए। हज पर जाने के लिए इच्छुक कर्मियों को अनुमति के लिए जिला विकास अधिकारियों को अधिकृत किया जाए। मांगों को लेकर कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर कार्य किया। महिपाल सिंह, अनिल कुमार, नरेंद्र चौहान, सुरेश चंद, संजय कुमार, विक्रम त्यागी, मूलचंद शर्मा, रवि कुमार, किरन रानी, नितिन तोमर, अनिल कुमार मौजूद रहे।