भारतीय किसान यूनियन ने दस सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को जिले भर को जाम कर दिया। जिले के प्रमुख छह कस्बों में भाकियू ने जाम लगाकर धरना प्रदर्शन किया। बागपत में साढ़े तीन घंटे तक राष्ट्रवंदना चौक पर जाम लगा रहा। कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान यात्रियों से जमकर नोकझोंक हुई। स्कूली बस फंसने पर बच्चों को भी पैदल जाना पड़ा।
भाकियू कार्यकर्ता एकत्रित होकर सुबह लगभग साढ़े 10 बजे राष्ट्रवंदना चौक पर पहुंचे और चारों ओर से वाहनों को सड़क पर आड़ा-तिरछा खड़ा कर जाम लगा दिया। एक के बाद एक करके सारे रास्ते बंद होते ही जाम लगता गया। दिल्ली रोड पर पेट्रोल पंप तक तक जाम लग गया, मेरठ रोड पर शुगर मिल तक जाम लगा, बड़ौत रोड पर पीडब्लूडी गेस्ट हाउस तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जबकि शहर में भी वाहनों की भीड़ लग गई। सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी एनपी सिंह, एसडीएम राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और ट्रैफिक पुलिस को रूट डायवर्जन करने के निर्देश दिए। ट्रैफिक को मेरठ-दिल्ली बाईपास से निकाला गया।
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रवंदना चौक पर धरना प्रदर्शन शुरू किया। प्रताप गुर्जर ने कहा कि किसान आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा, नहरों में पानी न होने से फसल बर्बाद हो रही हैं।
नहरों की सफाई नहीं हुई, बागपत को नहरों की सफाई का बजट नहीं मिला, नलकूप की पावर वृद्धि कर दी गई। उन्होंने इसे वापस किए जाने की मांग की है। उन्होंने फोरलेन हाईवे का निर्माण कराए जाने, जिले के अस्पतालों में न दवाइयां हैं और न ही डाक्टर हैं।
दवा एवं डाक्टर उपलब्ध कराए जाने, बिजली रेट वृद्धि वापस लिए जाने, पेराई सत्र 31 अक्तूबर से शुरू किए जाने, गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किए जाने तथा बागपत में अनाज मंडी बनाए जाने की मांग की। दोपहर लगभग दो बजे भाकियू कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह और सीओ एनपी सिंह को मुख्यमंत्री को प्रेषित 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर धरना प्रदर्शन खत्म किया।