परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने एंटी स्नेक वेनम की ओवरडोज दी, जिसकी वजह से वर्षा की मृत्यु हुई। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा कि सूचना के बावजूद अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। परिजनों और किसानों ने शव अस्पताल में ही रखकर धरना शुरू कर दिया और प्रशासन से जांच की मांग की।
वहीं, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. विक्रांत चौबे का कहना है कि वर्षा को सांप ने काटा था और उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हुई है। दवाई की ओवरडोज देने का आरोप गलत है।
मामले में परिजनों ने जांच की मांग की है। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के बाद कारण स्पष्ट हो सकेगा।