शामली। खरमास खत्म होने के बाद शामली समेत 14 जिलों में भाजपा के जिलाध्यक्षों की ताजपोशी का रास्ता साफ हो जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के कार्यकाल समाप्त होने और गोरखपुर के केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद जिलाध्यक्ष पदों के लिए नए समीकरण बन गए हैं।
खरमास के कारण भाजपा के जिलाध्यक्ष पदों की नियुक्तियां कुछ समय के लिए थम गई थीं। लंबे समय से शामली जिले में भाजपा जिलाध्यक्ष सतेंद्र तोमर और पूर्व विधायक तेजेंद्र निर्वाल जिलाध्यक्ष रहे हैं। पिछले एक साल में जिलाध्यक्ष पद के लिए 80 से अधिक पुरुष और महिलाएं अपने नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं। सभी नामांकन पत्र पैनेल बनाकर लखनऊ भेजे जा चुके हैं।
प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के कार्यकाल में एक साल में दस जिलाध्यक्षों की ताजपोशी हो चुकी है। पंकज चौधरी की ताजपोशी के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्षों और क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर सक्रियता बढ़ गई थी। शामली, सहारनपुर, बागपत, अमरोहा समेत 14 जिलों में जिलाध्यक्ष पदों की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन खरमास के कारण प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई थी। राजनीति गलियारों में चर्चा है कि खरमास खत्म होने के बाद भाजपा हाईकमान 14 जिलों में जिलाध्यक्षों के नामों पर विचार करेगा। शामली जिले में जाट और कश्यप समाज के नामों पर चर्चा होने की संभावना है। कश्यप समाज से रामजीलाल कश्यप और रमेश गौड़ कश्यप, पुनित द्विवेदी, तेजेंद्र निर्वाल भाजपा जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं। रामजीलाल कश्यप पहले भी भाजपा जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य रह चुके हैं। रमेश गौड़ कश्यप वर्तमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हैं और इस समय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य हैं।
जाट समाज के दावेदारों में पूर्व विधायक तेजेंद्र निर्वाल, भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हरवीर मलिक और सतेंद्र तोमर शामिल हैं।
भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय मंत्री विकास अग्रवाल का कहना है कि 14 जनवरी से 20 जनवरी के बीच प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जिलाध्यक्ष की घोषणा की संभावना है। क्षेत्रीय अध्यक्षों के नाम प्रदेश कार्यकारिणी के साथ तय किए जाएंगे।