दिल्ली से अपने पैतृक गांव हिसावदा जाते समय दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर भाजपाइयों एवं क्षेत्र के लोगों ने कई स्थानों पर बिहार के राज्यपाल का फूलमालाओं से स्वागत किया।
अमीनगर सराय esa बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सम्मान समारोह में सेवानिवृत्त न्यायाधीश केए मलिक, विधायक योगेश धामा, पूर्व विधायक चंद्रवीर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर, पूर्व एमएलसी जगत सिंह, पूर्व चेयरमैन अनिल मलिक, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमकार यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मदनपाल सिंह, एडवोकेट रामपाल सिंह नेहरा, जयकरण सिंह, कृष्णपाल चेयरमैन, वीरेंद्र सिंह, अमित कुमार, डायरेक्टर कृपाल सिंह, जयप्रकाश, रामपाल प्रमुख, ग्राम प्रधान उत्तर मलिक, शिवराज सिंह, इंद्रपाल डायरेक्टर, किशन शर्मा, भोपाल सिंह, शशिकांत, राममोहन भारद्वाज, भोपाल गुप्ता, जगवीर सिंह मलिक, रामपाल प्रधान, ब्रह्म सिंह, नवीन गुप्ता, जगदीश प्रधान, ज्ञानेंद्र मलिक, महक सिंह मुखिया, यशवीर मलिक मौजूद रहे। संचालन दिनेश जैन ने किया।
खेकड़ा में क्षेत्र के ग्राम डूंडाहैडा, हसनपुर मसूरी, खेकड़ा पाठशाला बस स्टैंड पर उनका स्वागत किया गया। खेकड़ा की नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष संगीता धामा ने उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर, क्षेत्रीय विधायक योगेश धामा, नगर अध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार, गजे सिंह दहामा, चेतन चंदेला, मोहन वेदी, मयंक सिंघल, हरेंद्र सिंह, नवीन शर्मा, राजेंद्र शर्मा, मनोज धामा, नरेश वर्मा, प्रवीन कुमार, कंवरपाल सिंह, संजय धामा आदि मौजूद रहे। राष्ट्रवंदना चौक, अग्रवाल मंडी टटीरी, मीतली, डौला, अमीनगर सराय मोड पर भी उनका स्वागम हुआ। सुदेश चौहान, दुष्यंत चौहान, हरेंद्र प्रधान, नीरज शर्मा, अनिल चौहान, संजय रूहैला शामिल रहे।
कब क्या रहे सत्यपाल मलिक
बागपत। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने वर्ष 1968 में मेरठ कॉलेज मेरठ से छात्र संघ का चुनाव लड़ा और वह मेरठ कॉलेज के पहले अध्यक्ष चुने गए थे। तब वह एलएलबी के अंतिम वर्ष के छात्र थे। राजनीति में सक्रिय हुए तो पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से नजदीकियां बढ़नी शुरू हो गईं।
बीकेडी के टिकट पर बागपत से वर्ष 1974 से 1977 तक विधायक रहे। दो दिसंबर 1989 से 1991 तक अलीगढ़ से सांसद रहे। वर्ष 1990 में वह केंद्रीय राज्यमंत्री संसद एवं पर्यटन रहे। वर्ष 1980 से 1986 और इसके बाद बाद वर्ष 1986 से 1992 तक वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद भी रहे। बीकेडी छोडकर भाजपा में शामिल हुए। राजस्थान के चुनाव की कमान संभाली। यही नहीं वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे।
मेरा नहीं, आप सबका है बिहार का राजभवन
बागपत। मलिक ने कहा कि बिहार का राजभवन 132 बीघा में है। 280 आम और सैकड़ों अन्य पेड़ हैं। चार गाय हैं। क्षेत्र के लोगों से कहा कि राजभवन मेरा नहीं, आप सबका है, जो आएगा उसे पूरा सम्मान मिलेगा।