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अनुबंधित 150 बसों के परमिट सरेंडर, एक अक्तूबर से राहत की उम्मीद

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- उत्तराखंड़ के लिए बसों को रवाना किए जाने की चल रही तैयारी
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अमर उजाला ब्यूरो
बागपत/बड़ौत/खेकड़ा। कोरोना संक्रमण के कारण बदले हालत में बे-पटरी हुई परिवहन व्यवस्था को कुछ पटरी पर लाने की तैयारी चल रही हैं। उम्मीद है कि एक अक्तूबर से परिवहन विभाग उत्तराखंड़ के लिए बसें संचालित करे। अभी तक बड़ौत डिपो की तीन बस हरियाणा और तीन बस राजस्थान के लिए संचालित हैं। बसों का दिल्ली में आवागमन बंद होने से मुश्किल हो रही है। बड़ौत, लोनी, भैंसाली डिपो मेरठ, गाजियाबाद, शामली को चलने वाली 150 अनुबंधित बसों के परमिट सरेंडर कर दिए हैं। जिस कारण यात्रियों को मुसीबत झेलनी पड़ रही हैं। इनके संचालन की भी उम्मीद जतायी जा रही है। एआरटीओ सुभाष राजपूत का कहना है कि फिलहाल 150 अनुबंधित बस और विभिन्न जिलों में ट्रांसपोर्ट पर संचालित होने वाली 550 प्राइवेट बसों के परमिट सरेंडर हैं। तीन माह में उपसंभागीय कार्यालय से सात बसों के परमिट ही रिलीज हुए हैं। एक अक्तूबर से कार्यालय से गाड़ियों के परमिट रिलीज होने की संभावना है।
एआरएम मुकेश अग्रवाल का कहना है कि निगम की 24 बसों के परमिट सरेंडर है। अक्तूबर माह में निगम की 14 बसों के परमिट मुक्त करा दिया जाए। बड़ौत डिपो में चलने वाली अनुबंधित 16 बसों का संचालन भी जल्द कराए जाने की तैयारी है।
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इनसेट
इन मार्गो पर है मिनी बसों का संचालन
बड़ौत। मिनी बस एसोसिएशन के सदस्य सुबोध राणा ने बताया कि बसों के संचालन की अनुमति मिलने के बाद बड़ौत-शामली, बड़ौत-बागपत व बड़ौत-अमीनगर सराय मार्ग पर बसों का संचालन किया जा रहा है।
मेरठ-बागपत हाईवे निर्माण भी बना परेशानी
बागपत। मेरठ-बागपत प्राईवेट बस यूनियन के अध्यक्ष चौधरी हिम्मत सिंह ने बताया कि फिलहाल सभी मार्गों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। सवारियां कम होने व मेरठ-बागपत रुट डाइवर्ट होने के कारण गाड़ी मालिकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। औसत न आने के कारण गाड़ी मालिक बसों के परमिट सरेंडर करने के लिए मजबूर हैं।
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इन मार्गों पर दौड़ रही प्राइवेट बसें
बागपत। जिले के अमीनगर सराय-बड़ौत मार्ग, पिलाना-रटौल मार्ग- चांदीनगर मार्ग, बड़ौत-छपरौली-टांडा मार्ग पर बसों का संचालन किया जा रहा है। जिले के विभिन्न मार्गों पर 54 बसों का संचालन किया जा रहा है। बचत कम और खर्च अधिक होने के कारण 15 गाड़ियों के परमिट सरेंडर किए जा चुके हैं।
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