बागपत। किसानों की जमीन पर हरियाणा के किसानों का कब्जा दिलाने के विरोध में शनिवार को भाकियू ने एसडीएम कार्यालय पर धरना शुरू किया। रविवार को एसडीएम रामनयन सिंह के आश्वासन के बाद भाकियू ने धरना समाप्त किया।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने कहाबागपत के किसानों का जमीन पर चालीस साल से कब्जा होने और उनके नाम खसरा-खतौनी में भी दर्ज होने के बाद भी उनकी जमीन पर हरियाणा के किसानों को कब्जा दिलवा दिया है। पांच जून को खेकड़ा एसडीएम राजपाल सिंह द्वारा गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने 13 जून को बागपत के किसानों की फसल उजाड़कर कब्जा परिवर्तित कराया। कार्यकर्ता किसानों की जमीन पर कब्जा परिवर्तित कराने कराने के विरोध में धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने समस्या का समाधान न होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी।
रविवार को एसडीएम रामनयन सिंह ने उन्हें समस्या का समाधान कराने व जांच के बाद दोषी पाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। एसडीएम के आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। इसमें जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, चौधरी इंद्रपाल सिंह, धूम सिंह, श्रीपाल गुर्जर, महिपाल सिंह, रमन पंवार, फकीरा, कर्मवीर, पार्वती, विद्या देवी, सरिता, सुनीता, राजेश्वरी, गुल्लू, विक्रम , सन्नी, प्रियांशु आदि रहे।