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अहोई पर बन रहा उत्तम योग, शुभ मुर्हूत में पूजन करने से मिलेगा विशेष फल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत/बड़ौत। इस बार अहोई अष्टमी त्योहार पर रवि पुष्य योग है। इससे पर्व की महत्ता बढ़ गई है। ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि इस योग में किया गया व्रत विशेष फलदायी होगा।
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पंडित राजकुमार शास्त्री का कहना है कि माताएं अपनी संतान की दीर्घायु व संतान निरोगी रहे, इसके लिए अहोई का व्रत रखती है। पुष्य योग होने के कारण इस बार अहोई व्रत विशेष फलदायी होगा। रविवार को सुबह सात बजकर 35 मिनट से अष्टमी तिथि आएगी। अहोई माता के पूजन के शुभ समय शाम पांच बजकर 47 मिनट से शाम सात बजकर पांच मिनट है। बड़ौत रेलवे स्टेशन परिसर स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर के पुजारी पंडित आकाश भारद्वाज ने बताया कि संतान की दीर्घायु के लिए शुभ मुहूर्त में ही अहोई माता का पूजन करें ।
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