साक्षर भारत मिशन के अंतर्गत जिले में निरक्षरों की परीक्षा हुई। 15 से 80 वर्ष तक के लोगों ने परीक्षा दी। जिसमें 80 हजार निरक्षरों का पंजीकरण हुआ था, लेकिन 45383 अभ्यर्थियों ने परीक्षा शामिल रहे। पढ़ाई के प्रति महिलाएं जागरूक नजर आई।
निरक्षरों को अक्षर ज्ञान कराने के लिए रविवार को जिले के प्राथमिक विद्यालयों में साक्षर भारत मिशन के अंतर्गत बुनियादी साक्षर परीक्षा हुई। इसमें 45383 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा सुबह दस बजे शुरू हुई और शाम पांच बजे तक चली।
इसके लिए शिक्षकों की तैनाती की हुई थी। परीक्षा केंद्रों पर ही शिक्षा विभाग की ओर से सभी व्यवस्था कराई हुई थी। परीक्षार्थियों में किसी भी समय परीक्षा देने की छूट दी हुई थी। सबसे अधिक खेकड़ा ब्लॉक में 10800 परीक्षार्थियों की उपस्थित दर्ज हुई।
इसमें 15 से 80 वर्ष तक के लोगों का पंजीकरण हुआ था। बुजुर्गों भी परीक्षा देते दिखाई दिए। बीएसए डॉक्टर एमपी वर्मा ने बताया कि जिले के 245 गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में परीक्षा हुई थी जो शांतिपूर्ण सम्पन्न हुई है। परीक्षा केंद्रों पर ही सभी व्यवस्था कराई गई थी।
33% अंक लाना जरूरी
साक्षर भारत मिशन के जिला समन्वयक अमित कुमार यादव ने बताया पढ़ने, लिखने और गणित के 50-50 अंकों के प्रश्नों के होंगे। 150 अंक के सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें 33 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। परीक्षा पास करने के बाद कक्षा तीन के बराबर सर्टिफिकेट दिए जाएंगे।
महिलाओं की रही ज्यादा संख्या
महिलाओं में पढ़ाई के प्रति ज्यादा ललक नजर आयी। परीक्षा केंद्रों पर सभी ब्लॉकों में महिलाओं की सबसे ज्यादा भागीदारी रही। पढ़ाई और लिखाई के स्तर में भी सुधार दिखाई दिया। महिला परीक्षार्थियों का कहना था कि वह हर बार इस परीक्षा में प्रतिभाग करते है।
पलड़ी में 179 महिलाओं ने दी परीक्षा
सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के गोद लिए गांव पलड़ी में 250 निरक्षरों ने परीक्षा दी। इसमें 179 महिलाएं रही। यह ही नहीं इस गांव में सबसे उम्रदराज महिला और पुरूष परीक्षा में शामिल हुए। जिनमें बसंत, अंगूरी और श्यामो शामिल रही। उनका कहना था कि पढ़ने और लिखने का सभी का अधिकार होता है। उम्र की इसमें कोई बाधा नहीं होती है। जब चाहे पढ़ाई कर सकते है।
ब्लॉक पुरुष महिला
बागपत 2842 4623
पिलाना 2850 3539
छपरौली 1870 2780
खेकड़ा 3044 7756
बड़ौत 3329 4316
बिनौली 3121 5313
नोट: यह आंकड़े बीएसए कार्यालय से लिए गए हैं।