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बड़ौत में बढ़ा संक्रमण, बिजरौल और अमीनगर सराय तक खतरा

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बड़ौत के सुभाषनगर कालोनी में मुख्य गली को सील करती पुलिस - फोटो : BARAUT
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बड़ौत (बागपत)। लैब टेक्नीशियन, उसकी पत्नी और बेटे के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। सुभाषनगर निवासी लैब टेक्नीशियन की बिजरौल में आवाजाही थी, जबकि उसके एक पड़ोसी का अमीनगर सराय स्थित अपने घर पर अधिक आना जाना था। ऐसे में दोनों जगह खतरा बढ़ा है। पुलिस-प्रशासन ने टेक्नीशियन की गली सील कर दी है। लैब टेक्नीशियन को मेरठ रेफर किया गया है, जबकि उसके परिवार को जिला अस्पताल में रखा गया है।
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सुभाषनगर निवासी व्यक्ति बड़ौली रोड के नीति नर्सिंग होम में बतौर लैब टेक्नीशियन कार्य कर रहा था। चार दिन पूर्व तबीयत खराब हुई तो परिवार के तीनों सदस्यों ने जिला अस्पताल पहुंचकर जानकारी दी और अपनी जांच कराई। तीनों कोरोना पॉजीटिव मिले। शुक्रवार को लैब संचालक को मेरठ रेफर कर दिया गया, जबकि मां-बेटे को जिला अस्पताल में बने आइसोलेशन सेंटर पर एडमिट किया गया है। परिवार के चार सदस्यों को होम क्वारंटीन किया गया है। नर्सिंग होम के 12 कर्मचारियों का सैंपल लिया और एक कर्मचारी को सरूरपुर सीएचसी पर बने क्वारंटीन सेंटर पर भर्ती कराया, जबकि अन्य 11 लोगों को होम क्वारंटीन किया। इसके अलावा अस्पताल में संचालित ओपीडी को भी बंद करने के निर्देश दिए गए। बिजरौल गांव में भी पांच टीम सर्वे के लिए भेजी गई थी। सर्वे कर 45 लोगों और आठ घरों को क्वांरटीन किया गया है। अमीनगर सराय में 29 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया।
सर्वे में 40 मकान, दो सौ लोगों का जाना हाल
बड़ौत। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि तीन पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की 10 टीम सर्वे कार्य में लगाई गई है। इनमें 30 एएनएम, 10 सुपरवाइजर और अन्य स्वास्थ्य कर्मी है। करीब 200 लोगों से उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली गई। कोतवाली प्रभारी अजय शर्मा ने बताया कि कॉलोनी में जाने वाले मुख्य गली को दोनों तरफ से सील कराया, ताकि कोई अंदर से बाहर व बाहर से अंदर ना जा सके।
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इस तरह बढ़ रहा खतरा
बड़ौत। सुभाष नगर कालोनी निवासी लैब टेक्नीशियन मूल रूप से बिजरौल का रहने वाला है। नगर के नजदीक होने के कारण वह अपने गांव में दूध लेने जाया करता था। लैब टैक्नीशियन के घर के सामने रहने वाला परिवार अमीनगर सराय के रहने वाले हैं। सराय में उनके परिवार का एक सदस्य बीमार है, वह अक्सर यहां आते जाते थे। इस कारण दोनों जगह खतरा है।
बयान में अंतर, कहां से शुरू हुआ कोरोना संक्रमण
बड़ौत। एक परिवार के तीन सदस्यों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग इसकी चेन तलाश की कोशिश कर रहा है। मगर, लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग होम संचालक के बयान में अंतर है, जिस कारण परेशानी बढ़ गई है। नर्सिंग होम संचालक का कहना है कि लैब टेक्नीशियन 18 अप्रैल से ड्यूटी पर नहीं था, जबकि टेक्नीशियन ने जानकारी दी है कि उसने एक सप्ताह पहले ही नर्सिंग होम जाना बंद किया था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की मुश्किल बढ़ गई है। टेक्नीशियन को संक्रमण कहां से मिला, इसकी जांच चल रही है।
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