बागपत के बिनौली के बरनावा से कपड़े बेचने के लिए झारखंड के चाइबासा गए किशोर की गोली मारकर और चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। उसकी लाश तीन दिन बाद मिली। परिजनों ने आशंका जताई है कि लूटपाट का विरोध करने पर नक्सलियों ने उसकी हत्या की है। इसीलिए तीन दिन जंगल में लाश पड़ी रही। हत्या बेरहमी से की गई है। वारदात की सूचना से गांव में गम का माहौल है। पुलिस ने साथ गए युवकों को लाश सौंप दी है।
बरनावा गांव निवासी अनीस ने बताया कि उसका भाई अबली उर्फ जुसैन मोहम्मद (17) क्षेत्र के पांच अन्य लोगों के साथ दो माह पूर्व कपड़ा और कंबल बेचने के लिए चाइबासा गए थे। वह अलग-अलग शहरों और गांवों में रहकर कपड़े बेचने का काम करते थे। तीन दिन पहले वह कमरे से फेरी लगाने के लिए निकले थे। इसके बाद अबली घर नहीं लौटा। साथ गए लोगों ने उसकी तलाश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। सोमवार को शहर के थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें पोस्टमार्टम हाउस भेजा। पुलिस ने बताया कि एक युवक का गोली लगा शव मिला है। साथ गए लोगों ने उसकी शिनाख्त अबली के रूप में की। उसकी हत्या गोली मारकर और चाकुओं से गोदकर की गई थी। शहर से बाहर जंगल में शव मिला। परिजनों को जैसे ही सूचना मिली उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अनीस ने बताया कि करीब दो माह पहले ही वह कपड़े और कंबल बेचने के लिए गया था।
कैसे लाएं लाड़ले की लाश?
बिनौली। अबली के भाई अनीस ने कहा कि इस वारदात से साथ गए लोगों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। उनके पास शव यहां तक लाने के लिए भी साधन नहीं हैं। इससे भी परेशानी हो गई है। पीड़ित के घर पर भी लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है।