महावीर स्वामी को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा-जब तक महावीर का इस धरती पर आगमन न था, न अहिंसा की परिभाषा थी, न संयम का ज्ञान।
हास्य कवि सुदीप भोला ने राजनीतिक व्यंग्य से श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। वीर रस के कवि प्रवीण पांडेय ने जवानों की शौर्य गाथा सुनाकर देशभक्ति की भावना जगाई। श्रृंगार रस के कवि पंकज पंडित ने भावनाओं से भरे गीत प्रस्तुत किए, जबकि हास्य कवि दिनेश बावरा और व्यंग्यकार पीयूष मालवीय ने भी श्रोताओं को खूब हंसाया।
यह भी पढ़ें: Meerut Weather Today: सितंबर के पहले हफ्ते में ही 200 मिमी पार हुई बारिश, बदरा बरसने के आसार बरकरार
रात्रि 10 बजे शुरू हुआ यह कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी श्रोताओं ने कविता और व्यंग्य का आनंद उठाया।
कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष संजय जैन अमूल वाले, कार्यकारी अध्यक्ष सोनू जैन समेत पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि डीएम अस्मिता लाल, एसपी सूरज राय, रालोद नेता अश्वनी तोमर और अन्य अतिथियों का स्वागत किया।