बड़ौत । स्थानीय शहजाद राय संस्थान में संग्रहीत पुरा संपदा का अवलोकन करने पहुंची इतिहासकार प्रोफेसर नयन जोत लहरी ने अशोक विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट मौर्य सम्राट अशोक में शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक अमित राय जैन के साथ मिल कर काम करने के लिए आमंत्रित किया।
संस्था में मौजूद हड़प्पा सभ्यता के पुरा अवशेष, ताम्र शस्त्र-शस्त्रों, प्रांतीय पांडुलिपियों का अवलोकन कर इतिहासकार नयन जोत लहरी ने कहा उत्तर भारत में किसी व्यक्तिगत संस्थान में जहां का संग्रह अपने आप में अनूठा है। अशोक विश्वविद्यालय की संस्थापक शोध निदेशक प्रो. नयन जोत लहरी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन की पुत्री प्रो. उनेंद्र सिंह से मिलकर मौर्य साम्राज्य और सम्राट अशोक पर शोध कर रहे हैं। इसमें शिलालेखों में वे भारत के विशिष्ठ पुरा स्थलों, संस्थानों का अवलोकन और एशिया के विभिन्न देशों का भ्रमण किया जा रहा है।
प्रो. लहरी ने दल के साथ शहजाद राय शोध संस्थान में संग्रहीत पुरा सामग्री पर शोध और अनुसंधान की संभावनाओं को तलाश कर जनपद बागपत के ककौर गांव के प्राचीन टीले, कुरड़ी के मंदिर टीले और इस्सोपुर टीले का पुरातात्विक सर्वेक्षण किया। शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक अमित राय जैन ने बताया अशोक विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शीघ्र ही बागपत की कुछ अति विशिष्ठ चिन्हित पुरास्थलों पर उत्खनन कराया जाएगा।