बागपत में ट्रेड यूनियन के आह्वान पर जिले के सभी बैंकों के कर्मचारी, परिवहन और बीएसएनएल विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल रही। इससे जनपद के बैंकों में 80 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। हड़ताल के चलते बसों के चक्के जाम रहे। सरकारी दफ्तरों पर ताले लटके रहे जिसमें लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार को जिले के बैंक कर्मचारियों ने ट्रेड यूनियन के आह्वान पर हड़ताल रखी है। जिस कारण बैंक से करोड़ों रुपये का लेन-देन का कार्य प्रभावित रहा। बैंकों में पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी की जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी हड़ताल जारी रहेगी। दूसरी ओर परिवहन विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। इससे यातायात व्यवस्था पर असर पड़ा। यात्रियों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर बीएसएनएल के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। दिनभर कार्य प्रभावित रहा। उपभोक्ता परेशान रहे।
उधर, यूपी एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के सदस्यों ने कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया। सरकार से सात सूत्रीय मांगों को पूरा करने की आह्वान किया। क्षेत्रीय मंत्री कुलबीर ढाका ने बताया ग्रेेड पे उच्चीकरण, चतुर्थ श्रेणी भर्ती पर लगी रोट हटाने, केंद्र के समान भत्त,े पुरानी पेंशन बहाल, आउटसोर्सिंग की समाप्ति, निजीकरण पर रोक जैसी समस्या है। उन्होंने सरकार से मांग पूरी करने की आह्वान किया। इसमें संजय पंवार, अभिषेक बालियान, विपुल कुमार, अनुज पंवार, राज कुमार आदि शामिल रहे।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले कार्य बहिष्कार कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लेखपाल कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। मांगों के समर्थन में सरकार विरोधी नारेबाजी की। चेतावनी दी जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तक तक आंदोलन जारी रहेगा। कलक्ट्रेट में कैंडल मार्च निकाला जाएगा, इसके बाद बुद्धि, शुद्धि यज्ञ होगा। जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह तोमर ने कहा छह सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल चल रही है। इसमें महेश शर्मा, रोहित, अमित शर्मा, मुकेश यादव, हेमंत, सतपाल, गजेंद्र, प्रदीप राणा, मुकेश यादव, निहाल, विनोद कुमार आदि रहे। लेखपालों के कार्य बहिष्कार से किसान परेशान हैं।
शुक्रवार को हड़ताल कर बीएसएनएल कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने मीटिंग की। स्थानीय इकाई के अध्यक्ष नीतिश शर्मा और कृष्ण कुमार ने कहा श्रम कानूनों के उल्लंघन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मालिकों के हित में श्रम कानूनों में कोई परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए। कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान 18 हजार रुपये दिया जाए। सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों का विनिवेश और निजीकरण रोका जाए। ठेकेदारी प्रथा बंद हो, ठेका मजदूरों को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। रेलवे, बीमा और रक्षा क्षेत्र में एफडीआई की मनाही हो और सभी मजदूरों के लिए सार्वभौमिक सुरक्षा कवच हो। धरना प्रदर्शन करने वालों में मनोज कुमार, अमित शर्मा, लोकेश कुमार, बिट्टू कुमार और सचिन कुमार मौजूद रहे।
बड़ौत। विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को राज्य, केंद्रीय और बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जनमानस बेहाल हो गया। दूसरी तरफ बैंकों की हड़ताल के कारण करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ, वहीं ग्राहकों को लेनदेन के लिए परेशानी हुई। वहीं रोडवेज और रेलवे कर्मचारियों की हड़ताल से आवागमन बाधित रहा। लोगों को अपने निर्धारित स्थान तक पहुंचने के लिए निजी या डग्गामार वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ा।
यूनाइडिट फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले प्रदेशीय आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल रखी। कर्मचारियों ने सिंडिकेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने एकत्र होकर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने बैंकों के विलय , श्रम कानून में किए जा रहे एक तरफा बदलाव आदि मांगों को लेकर नगर के मुख्य मार्गों से नारेबाजी करते जुलूस निकाला। इस दौरान विक्रम आर्य ने विचार रखे। इसमें विजय वर्मा, भूपेंद्र, सचिन कुमार, दीपक, अशोक कुमार, आनंद, प्रकाश, अनिल, सुधीर, अभिषेक, कंवर पाल, राज कुमार आदि रहे।
इस दौरान जहां बैंकों का करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ, वहीं ग्राहकों को लेन-देन को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, एनआरएमयू शामली शाखा के बैनर तले स्टेशन अधीक्षक पीके बोस के नेतृत्व में रेलवे कर्मचारी स्टेशन पर एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन में पीके बघेल, पीके शर्मा, प्रकाश चंद, ब्रिजेश शामिल रहे। उधर, यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भी ईपीएफ की पेंशन दर में वृद्धि करने, असीमित अनुबंध की कार्रआई तत्काल प्रभाव से बंद करने, संविदा भर्ती की कुप्रथा समाप्त करने, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल 2016 को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने आदि मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।
उधर, रोडवेज बसों के चक्का जाम से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसमें राजदेव राठी, क्षेत्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह, वीरपाल सिंह, राजेंद्र त्यागी, गणपत, नाथीराम, राजेश, उमेश गिरी, महेंद्र शर्मा, भगवान, नासिर, सुनील शर्मा, मोतीलाल, वीके त्यागी रहे। खेकड़ा में भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण शुक्रवार को विभिन्न बैंक शाखाओं में कार्यरत बैंक कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। बैंक शाखाएं बंद रहने के कारण लेन देन का कार्य प्रभावित हुआ और व्यापारियों समेत आम उपभोक्ताओं को भारी नुकसान के साथ परेशानी हुई।