बागपत। डीएम शकुंतला गौतम और एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने कहा कि बैंक अधिकारी बैंकों की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहे। किसी संदिग्ध के दिखाई दिए जाने पर पुलिस को जानकारी दें। सुरक्षा गार्ड को अलर्ट रखें। बैंकों में सुरक्षा की दृष्टि से मानक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में बैंक की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। डीएम शकुंतला गौतम ने कहा कि संदिग्धों पर पैनी नजर रखी जाएं। शाखा के आसपास 100 मीटर के दायरे में अनावश्यक खड़े बैठे व्यक्तियों से पूछताछ में सत्यापन अवश्य करें। शाखाओं में अनावश्यक रूप से कोई भी बैठने की कोशिश न करें। शाखा के आसपास संदिग्ध वाहनों की भी जांच कर विधि कार्रवाई करें। सिक्योरिटी गार्ड का खड़ा होने का स्थान सुरक्षित करें। गार्ड का शस्त्र एक्शन पोजीशन में होना चाहिए और शस्त्र दीवार या कुर्सी पर न रखा हो। गार्ड शारीरिक रूप से दक्ष एवं शास्त्र की पूर्ण जानकारी रखता हो। ऐसी शाखाएं जहां गार्ड केवल दिन में रहते हैं, उनके शस्त्र ड्यूटी के बाद शाखा में न रखे जाएं जिनके चोरी होने की संभावना बनी रहती है। सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में रहने चाहिए। अलार्म को सप्ताह में एक बार बजाकर अवश्य चेक किया जाएं।
उन्होंने कहा बैंकर्स गरीब लोगों के हक को मारे नहीं, उनकी फाइलों का निस्तारण करें। स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 15 दिन में सीडीओ और डीडीओ की अध्यक्षता में बैठक करने के लिए निर्देशित किया। डीएम ने लीड बैंक मैनेजर को निर्देशित किया जिन बैंकों की खराब स्थिति है, ऐसे 10 खराब बैंकों को नोटिस जारी किया जाएं जिससे कि उनकी कार्यशैली में सुधार आ सके। सहायक महाप्रबंधक नाबार्ड शोमीर पुरी, डीडीओ हुब लाल, एलडीएम प्रदीप थारोट, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी अजय पाल, जीएमडीआईसी हिमांशु गंगवार, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूर्य प्रताप सिंह मौजूद रहे।
अगले वित्तीय वर्ष के लिए 3900 करोड़ की पीएलपी योजना लांच
बागपत। डीएम शकुंतला गौतम और एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव की मौजूदगी में नाबार्ड ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 3900 करोड़ रुपये की पीएलपी यानी पोटेंशियल लिंक्ड क्रेडिट प्लान 2020 को भी लांच कर दिया है। इस योजना को आधार बनाकर जिले के बैंक वार्षिक ऋण योजना तैयार करेंगे। पिछले वर्ष 3600 करोड़ की योजना तैयार की गई थी, जिसमें से अभी तक करीब 13 सौ करोड़ का ऋण वितरित किया गया है। एलडीएम प्रदीप थरोट ने बताया कि विभिन्न विभागों एवं बैंकों के साथ सलाह व विचार करने के बाद पीएलपी 2020-21 को तैयार किया गया है। जनपद स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों, सरकार व आरबीआई के दिशा निर्देशों तथा फसलों के स्केल ऑफ फाइनेंस, यूनिट कोस्ट को ध्यान में रख कर प्राथमिक क्षेत्र में बैंक ऋण की संशोधित संभाव्यता 3900.75 करोड़ की आंकी गई ह, जो की वर्ष 2019-20 की ऋण संभाव्यता से 8.23 प्रतिशत अधिक हैं। कुल आंकलन में से कुल कृषि ऋण की संभाव्यता 3480.50 करोड़ आंकी गई है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा स्वरोजगार के विकास के लिए निवेश एवं कार्यशील पूंजी के लिए 291.21 करोड़, निर्यात, शिक्षा, आवास ऋण 64.31 करोड़, आधारभूत संरचना के लिए ऋण संभाव्यता 47.52 करोड़, अनौपचारिक ऋण वितरण प्रणाली (एसअचजी/जेएलजी) 17.20 करोड़ का आंकलन किया गया है।