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Baghpat News: बागपत की हवा खतरनाक, घुट रहा दम, आंखों में हो रही जलन

Wed, 05 Nov 2025 12:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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बागपत। हवा में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है और एक्यूआई 428 पर पहुंचा हुआ है। इस तरह प्रदूषण खतरनाक स्तर पर होने के कारण सांस लेने में परेशानी हो रही है और सांस के मरीजों का दम घुटने लगा है। आंखों में जलन के कारण भी परेशानी बढ़ रही है। अस्पतालों में इन बीमारियों के मरीज भी काफी बढ़ गए हैं।
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यहां पंद्रह दिन पहले प्रदूषण बढ़ना शुरू हुआ था और दिवाली से अगले दिन एक्यूआई 350 तक पहुंचा था। इसके बाद से प्रदूषण कम नहीं हो रहा है और केवल एक बार एक्यूआई 250 तक आया है। इसके अलावा लगातार एक्यूआई 350 से ऊपर चल रहा था और इसमें सोमवार से अचानक काफी बढ़ोतरी हुई है। यहां सोमवार को एक्यूआई 428 पर पहुंच गया था जो मंगलवार को बढ़कर 437 पर पहुंच गया। इस तरह से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और इसके साथ ही लोगों की परेशानी बढ़ रही है। प्रदूषण के कारण सुबह को स्मॉग छाया रहता है और लोगों को सांस लेने में मुश्किल हो रही है। इस कारण ही जिला अस्पताल में सांस व आंखों के मरीजों की ओपीडी बढ़ गई है जो रोजाना 400 से ज्यादा हो रही है।
- प्रदूषण लगातार इस तरह रहने से बढ़ेगी परेशानी
यहां जिस तरह से प्रदूषण काफी ज्यादा है, यह कुछ दिन और इस तरह रहा तो यह कई अंगों पर असर डाल सकता है। चिकित्सकों के अनुसार जहां प्रदूषण के कारण सांस, आंख में जलन के साथ ही गले में समस्या होने के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। वहीं प्रदूषण ऐसे ही रहा तो तनाव, उच्च रक्तचाप, फेफड़ों की क्षमता प्रभावित समेत अन्य समस्या हो सकती है।
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इस तरह होता है औसत एक्यूआई
0-50 अच्छा
51-100 औसत
101-200 असामान्य
201-300 खराब
301-400 ज्यादा खराब
400 से ज्यादा बेहद खतरनाक

इन अंगों को प्रभावित कर रहा प्रदूषण
प्रदूषण सबसे ज्यादा आंख, गला, फेफड़े, हृदय, किडनी, लीवर को प्रभावित कर रहा है।
इन बीमारियों का खतरा
- आंखों में जलन व खुजली
- गले में खराश व खांसी आना
- सांस लेने में परेशानी
- सिरदर्द
- सुस्ती आना
-पेट में दर्द होना
ज्यादातर प्रदूषण में रहने से यह खतरा
- तनाव
- उच्च रक्तचाप
- हार्ट अटैक
- अस्थमा
- फेफड़ों की कार्य करने की क्षमता प्रभावित
- यह करना चाहिए
- आंखों पर चश्मा लगाकर बाहर निकले
- आंखों को पानी से साफ करते रहे
- बाहर निकलने पर मास्क का इस्तेमाल करें
- गर्म पानी से गरारे करने के साथ ही समय-समय पर भाप लेते रहे
- अस्थमा व सांस के मरीज बचाव करने के साथ ही नियमित दवाई का इस्तेमाल करें
प्रदूषण जिस स्तर पर चल रहा है, उससे बीमारियां बढ़ रहीं हैं। लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है और सांस के मरीजों के लिए यह सबसे ज्यादा खतरनाक है। आंखों में जलन व गले की समस्या भी इस कारण हो रही है। प्रदूषण से बचाव सभी को करना चाहिए। डॉ. यशवीर सिंह, डिप्टी सीएमओ
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