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Baghpat: भ्रष्टाचार के केस में सजा भुगत रही महिला दरोगा बर्खास्त, डीआईजी ने की कार्रवाई

Tue, 06 May 2025 03:18 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

बागपत के दहेज उत्पीड़न के मामले में दुष्कर्म की धारा हटाने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाली महिला उपनिरीक्षक अमृता यादव को डीआईजी कलानिधि नैथानी ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
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विस्तार
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बागपत के दहेज उत्पीड़न के मामले में दुष्कर्म की धारा हटाने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाली महिला उपनिरीक्षक अमृता यादव को डीआईजी कलानिधि नैथानी ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया। अदालत दरोगा को दोषी पाते हुए सात साल की सजा सुना चुकी है। अमृता यादव वर्तमान में मेरठ जिला कारागार में बंद है। 

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डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि महिला उपनिरीक्षक अमृता यादव वर्ष 2017 में मेरठ थाना कोतवाली में नियुक्त और बुढ़ाना गेट चौकी इंचार्ज थी। 13 जून 2017 को एंटी करप्शन की टीम ने अमृता यादव को बुढ़ाना गेट चौकी में सीकरी मोदीनगर निवासी समीर से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

महिला दरोगा ने समीर से दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में दुष्कर्म की धाराएं हटाने की एवज में 20 हजार की रिश्वत मांगी थी। समीर ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन से की थी। 
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मेरठ जेल में बंद है अमृता यादव डीआईजी कलानिधि नैथानी ने पत्रावली मंगाकर की कार्रवाई 
डीआईजी  कलानिधि नैथानी ने इस मामले में पुलिस अधिकारियों की (दंड एवं अपील) नियमावली-1991 के नियम-8 (2) (क) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का राजहित में प्रयोग करते हुए यह कार्रवाई की है।

डीआईजी ने वर्तमान में जिला कारागार मेरठ में निरुद्ध और एवं जनपद बागपत में नियुक्त महिला उपनिरीक्षक अमृता यादव को शासन एवं पुलिस मुख्यालय की मंशानुसार लंबित पत्रावली तलब कर त्वरित निस्तारण करते हुए तत्काल प्रभाव से 4 मई को सेवा से पदच्युत (बर्खास्त) के आदेश जारी किए।

कृत्य ने विभाग की छवि को किया धूमिल 
डीआईजी ने बताया कि महिला उपनिरीक्षक अमृता यादव ने इस प्रकार का निंदनीय कृत्य कर पुलिस विभाग की छवि को धूमिल किया है।
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