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Baghpat: विपुल ने 21 साल पहले शुरू किया अपराध, बागपत और दिल्ली तक रहा आतंक

Sat, 25 Jul 2026 11:03 PM IST
Pratyush Sharma न्यूज़ नेटवर्क, अमर उजाला, बागपत

सार

बागपत में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सुशील मूंछ गैंग के शॉर्प शूटर विपुल उर्फ खूनी ने 21 साल पहले अपराध की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद विपुल ने बागपत, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और सहारनपुर जिलों में 38 आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। इनमें चार हत्या, तीन लूट, दो डकैती के अलावा अपहरण, चोरी, रंगदारी मांगने, जानलेवा हमले की घटनाओं को अंजाम दिया।
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शूटर विपुल उर्फ खूनी की फोटो - फोटो : एसटीएफ मेरठ यूनिट
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विस्तार
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विपुल खूनी के खिलाफ सबसे पहला मामला वर्ष 2007 में हत्या का प्रयास व बलवे का दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद वर्ष 2008 में विपुल ने शामली में हत्या की घटना को अंजाम दिया। इसके एक साल बाद विपुल ने अपराध की दुनिया में शामली से बाहर कदम रखा और उसने अपने साथियों के साथ खेकड़ा क्षेत्र में लूट की घटना को अंजाम दिया।

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दिल्ली में भी था आतंक
यहां के बाद दिल्ली तक पहुंच गया और दिल्ली के शाहदरा के पांडव नगर में चोरी के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज हुई। वर्ष 2011 में कांधला पुलिस ने विपुल को मुचलका पाबंद किया। वर्ष 2011 में ही विपुल ने अपने साथियों के साथ मिलकर शाहदरा के ज्योतिनगर थाना क्षेत्र में डकैती की घटना को अंजाम दिया। वर्ष 2013 में कांधला पुलिस ने उसपर गैंगस्टर की प्राथमिकी दर्ज की।

मौके पर मौजूद पुलिस और आरोपी की पिस्टल - फोटो : एसटीएफ मेरठ यूनिट
लूट और हत्या की कई वारदातों को दिया अंजाम
इसी साल खेकड़ा और शामली में लूट की घटना को अंजाम दिया। लूट में शामिल विपुल के खिलाफ शामली कोतवाली पुलिस ने भी गैंगस्टर की कार्रवाई की। वर्ष 2014 में विपुल ने खेकड़ा के कारोबारी का अपहरण किया और गांव के ही बदमाश भीम को उसकी महिला मित्र के घर बुलाकर लोहे की रॉड से हमला करके हत्या कर दी थी। इसके बाद बूढ़पुर रेलवे हाल्ट पर कांधला के धर्मेंद्र की हत्या की। बागपत में अपराध करना बंद नहीं किया और उसी साल रमाला क्षेत्र में एक और हत्या की।

दो साल पहले ही जेल से बाहर आया था विपुल
इसके बाद वर्ष 2017 में सहारनपुर जिले के मानपुर गांव में अपनी बहन की ससुराल में गाड़ी लूटी और पुलिस को मुखबिरी करने के शक में मानपुर गांव की महिला प्रधान की भी हत्या कर दी थी। वर्ष 2017 में गिरफ्तार होने के बाद कई साल तक जेल में बंद रहा। पुलिस के अनुसार दो साल पहले जेल से जमानत पर विपुल बाहर आया था।

वर्ष 2012 में बना सुशील मूंछ का शूटर
पुलिस के अनुसार वर्ष 2012 में विपुल उर्फ खूनी कुख्यात सुशील मूंछ के गिरोह के साथ जुड़ गया था। बाद में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद सुशील मूंछ गिरोह का शार्प शूटर बन गया। बताया कि 2014 में गांव के बदमाश भीम की हत्या करने के बाद साथी उसे खूनी कहने लगे थे। तभी से पुलिस रिकॉर्ड में भी उसका नाम विपुल खूनी दर्ज हो गया। पुलिस के अनुसार शामली और मुजफ्फरनगर के कई अन्य बदमाशों के गिरोह में भी विपुल शामिल रहा।

विपुल की दहशत में घर में कैद हो गया था हत्या का वादी
वर्ष 2017 में भभीसा गांव के पवन की हत्या के मामले की पैरवी उसके भाई अशोक कुमार कर रहे हैं। इस मामले में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद विपुल ने रंगदारी मांगनी शुरू कर दी और अशोक को भी मारने की धमकी दी। अशोक कुमार ने कांधला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। धमकी मिलने के बाद अशोक कुमार ने कचहरी में तारीख पर जाना बंद कर दिया और घर में कैद होकर रहने लगे थे।

विपुल और पुलिस में 12 राउंड गोलियां चलीं
पुलिस के अनुसार विपुल के फायरिंग करते ही एसटीएफ और सिंघावली अहीर पुलिस ने भी फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ के बाद पुलिसकर्मियों ने कारतूस के 12 खाली खोखे इकट्ठे किए।
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सोनीपत में बना रखा था ठिकाना
पुलिस के अनुसार विपुल की शादी बागपत के बिजरौल गांव में हुई थी। इसलिए भी वह बागपत के बारे में काफी जानकारी रखता था। पिछले कुछ साल से उसने सोनीपत में अपनी मित्रता बढ़ाई थी और इसलिए ही उसने सोनीपत में ठिकाना बना रखा था। बताया कि आपराधिक घटना को अंजाम देने के बाद सोनीपत में जाकर छिप जाता था। इसके अलावा जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद भी सोनीपत में ही रहता था।
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बागपत में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सुशील मूंछ गैंग के शॉर्प शूटर विपुल उर्फ खूनी ने 21 साल पहले अपराध की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद विपुल ने बागपत, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और सहारनपुर जिलों में 38 आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। इनमें चार हत्या, तीन लूट, दो डकैती के अलावा अपहरण, चोरी, रंगदारी मांगने, जानलेवा हमले की घटनाओं को अंजाम दिया।
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