बागपत विकास भवन में सीडीओ अनिल कुमार, ग्राम पंचायत सचिवों और प्रधानों के बीच करीब दो घंटे तक नोकझोंक और हंगामा चला। सचिवों ने प्रशासन की शर्तें मानते हुए धरना समाप्त किया, जबकि सीडीओ ने वेतन जारी करने और विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि निरस्त करने का आश्वासन दिया।
बागपत के विकास भवन में शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), ग्राम पंचायत सचिवों और प्रधानों के बीच करीब दो घंटे तक तीखी नोकझोंक और हंगामा होता रहा। लंबी वार्ता के बाद सचिवों ने प्रशासन की शर्तें स्वीकार कर लिखित सहमति दी, जिसके बाद धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। वहीं सीडीओ ने वेतन जारी करने और विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि निरस्त करने का आश्वासन दिया।
दो घंटे तक चला हंगामा, लिखित सहमति के बाद बनी बात
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विकास भवन में चली बैठक के दौरान सचिवों और सीडीओ अनिल कुमार के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस हुई। आखिरकार सचिवों ने ग्राम पंचायत में पांच वर्ष के अभिलेख उपलब्ध रखने, परिवार पहचान पत्र बनाने और दीवार लेखन का कार्य कराने संबंधी प्रशासन की शर्तें स्वीकार करते हुए लिखित सहमति दे दी। इसके बाद सचिवों ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
सीडीओ ने दिया वेतन जारी करने का आश्वासन
बैठक के दौरान सीडीओ ने सचिवों को आश्वस्त किया कि उनका वेतन जारी कराया जाएगा। साथ ही विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि निरस्त करने का भी आश्वासन दिया। दूसरी ओर प्रधानों ने भी विकास कार्यों में सहयोग और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की बात कही।
सीडीओ की टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
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बैठक के दौरान सीडीओ अनिल कुमार ने कहा कि उन्हें पिछले तीन माह में सचिवों से कोई सम्मान नहीं मिला और आगे भी इसकी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सचिवों की इतनी हैसियत नहीं है कि वे उनके कार्यालय का गेट तक खोल सकें। इस टिप्पणी पर सचिव नाराज हो गए और माहौल गर्मा गया। बाद में मौजूद अधिकारियों और अन्य लोगों ने समझाकर मामला शांत कराया।