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Baghpat: लूट-चोरी के फोन नेपाल और बांग्लादेश भेजने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, जानें कैसे बिछाया जाल...

Mon, 06 Jan 2025 10:23 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

इस गिरोह की तलाश में पुलिस काफी समय से लगी हुई थी। अभी इनके पांच साथी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि ये लोग महंगे एंड्रायड और आईफोन लॉक तोड़ने के बाद सस्ते दामों पर बेच देते थे। 
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बदमाशों से बरामद किए गए फोन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र से लूट और चोरी के फोन नेपाल, बांग्लादेश समेत अन्य देशों में भेजने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 79 एंड्रायड फोन व आईफोन बरामद किए, जिनकी कीमत 30 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। दूसरे देशों से कनेक्शन सामने आने के बाद मेरठ एटीएस, आईबी और इंटेलीजेंस की टीमों ने भी आरोपियों से पूछताछ की। पुलिस ने गिरोह के तीनों सदस्यों को मुबारिकपुर के पास से गिरफ्तार किया है।
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पुलिस लाइन में पेश करने के लिए लाए जाते बदमाश। - फोटो : अमर उजाला
सर्विलांस टीम ने रटौल के नईम, फुरकान और दत्तनगर के मनोज कुमार को गिरफ्तार कर फोन लूटने व चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया। उनसे पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारी मिलीं। तीनों ने बताया कि उनकी टीम में कई सदस्य हैं, जो दिल्ली, यूपी और हरियाणा में फोन चोरी व लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। इसके बाद रटौल लाकर लैपटॉप से फोन का लॉक तोड़कर उसे बेच देते थे।
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी कुछ फोन कोरियर से कोलकाता और चेन्नई भेजे देते थे, जिन्हें वहां से नेपाल, बांग्लादेश, भूटान समेत अन्य देशों में बेच दिया जाता था। इस गिरोह में शामिल पांच बदमाश अभी फरार चल रहे हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
 

विदेशी लिंक का अन्य साथियों के पकड़े जाने पर पता लगेगा
पुलिस के अनुसार इन तीनों से एटीएस व अन्य एजेंसियों ने पूछताछ की। मगर, यह फोन चोरी करने से लेकर उसका आईएमईआई बदलने तक का काम करते थे। इसके बाद आगे का काम अन्य सदस्य करते थे। उनके पकड़े जाने के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी कि वह विदेशों में मोबाइल किस तरह से बेचते थे।
 

पुलिस पीछे लगी रही, बस में चोरी कर लिए चार फोन
फोन चोरी और लूटने वाले गिरोह के सदस्यों की तलाश में पुलिस की टीम लगी हुई थी। इसी बीच गिरोह के सदस्य एक बस में चढ़ गए और सफर के दौरान बस में सवार चार यात्रियों के फोन भी चोरी कर लिए। 

आठवीं पास नईम चला रहा था गिरोह
रटौल का रहने वाला नईम पहले भी फोन के लॉक तोड़ने के मामले में वर्ष 2019 में जेल भेजा गया था, उस समय 80 फोन बरामद किए गए। गिरोह का सरगना नईम आठवीं पास है, जबकि मनोज और फुरकान पढ़े ही नहीं। एसपी ने बताया कि पूरे गिरोह को तीन टीमों में बांटा गया है। इसमें एक टीम राहगीरों, मजदूरों और यात्रियों के फोन लूटने, चोरी करने के बाद नईम को दे देती थी। नईम दूसरी टीम के साथ लैपटॉप में साफ्टवेयर से उनका लॉक तोड़कर बेचने वाली तीसरी टीम को सौंप देता, जो फोन बेचने के बाद नईम को रुपये पहुंचाते थे।
 
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20-25 हजार में बेच देते थे लाखों का आईफोन
आरोपियों से बरामद किए गए आईफोन में कई ऐसे हैं, जिनकी कीमत एक से डेढ़ लाख रुपये और उससे भी अधिक है। चोरी और लूटे गए आईफोन कर लॉक तोड़ने के बाद उन्हें 20-25 हजार रुपये में बेच दिया जाता था। इसके अलावा एंड्रायड फोन कम कीमतों पर बेचे जा रहे थे।
ये सामान हुआ बरामद
आरोपियों के पास से 20 आईफोन, 49 एंड्रायड फोन, तीन लैपटॉप, दो लैपटॉप चार्जर, एक टूल किट, दो बैग, तमंचा और दो बाइकें बरामद की गईं। बरामद किए गए फोन खेकड़ा, करावलनगर दिल्ली, कश्मीरी गेट, घिटौरनी दिल्ली, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और हरियाणा से चोरी और लूटे गए हैं।

 
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