बिलों में हेराफेरी कर की जा रही थी कर चोरी
सूत्रों के अनुसार दूसरे राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों के दस्तावेजों और बिलों में बदलाव कर कर देयता कम दिखाई जाती थी। इस तरीके से बड़े पैमाने पर कर चोरी कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। जांच एजेंसियों को लंबे समय से इस गतिविधि की जानकारी मिल रही थी, जिसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई की योजना बनाई।
हर महीने करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि गिरोह की गतिविधियों के कारण हर महीने करोड़ों रुपये की कर चोरी हो रही थी। मामले में वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा कर चोरी का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है।
आरोपियों से पूछताछ जारी
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश सिंह ने पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि जांच में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।