एक्सप्रेस का किराया, लेकिन सुविधाएं नहीं
शामली से दिल्ली तक इस ट्रेन का किराया 50 रुपये और बड़ौत से दिल्ली तक 35 रुपये है। यात्रियों का कहना है कि उनसे एक्सप्रेस सेवा का किराया लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं सामान्य यात्री गाड़ी से भी खराब मिल रही हैं। बदबू और गंदगी के कारण कई यात्रियों को पूरे रास्ते मुंह ढककर यात्रा करनी पड़ती है। उनका कहना है कि किराया वसूलने के साथ-साथ रेलवे को बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
हर महीने लाखों की कमाई, फिर भी गंदगी कायम
दैनिक यात्रियों के अनुसार इस ट्रेन में प्रतिदिन करीब 1200 यात्री सफर करते हैं। औसत किराये के हिसाब से रेलवे को प्रतिदिन करीब 51 हजार रुपये और महीने में लगभग 15 लाख 30 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। यात्रियों का सवाल है कि जब रेलवे को हर महीने लाखों रुपये की आय हो रही है तो कोचों की नियमित सफाई और रखरखाव पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा।
दैनिक यात्रियों ने उठाई आवाज
दैनिक यात्री हरवीर सिंह एडवोकेट का कहना है कि गंदगी केवल असुविधा नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। यात्रियों को स्वच्छ वातावरण में यात्रा करने का अधिकार है। दैनिक रेल यात्री संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष घमंडी लाल ने कहा कि रेलवे एक ओर बेहतर सुविधाओं के दावे करता है, जबकि दूसरी ओर एक्सप्रेस ट्रेन के कोच गंदगी से भरे हुए हैं। यात्रियों को सम्मानजनक और स्वच्छ सफर मिलना चाहिए।
कार्रवाई का भरोसा
स्टेशन अधीक्षक सुरेश कुमार ने कहा कि गंदगी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सफाई कर्मचारियों की लापरवाही मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा जाएगा।
वहीं सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि यात्रियों की मांग पर ट्रेन शुरू कराई गई थी। यदि सफाई को लेकर गंभीर समस्या है तो रेलवे अधिकारियों से बात कर समाधान कराया जाएगा। साथ ही यात्रियों से भी स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है।