ग्राम प्रधान गौरव तोमर के अलावा ग्रामीणों सोहनवीर, देवेंद्र, जगदीश, पप्पू, जयवीर आदि ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले गोवंशों को चिचड़ी रोग से बचाने के लिए पशुपालन विभाग की टीम ने इंजेक्शन लगाए गए थे। इन्हीं इंजेक्शन से गोवंशों की तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
उधर गोशाला में मौजूद अन्य गोवंशों की जांच में तीन की हालत चिंताजनक पाई गई। सूचना पर बीडीओ ज्योति बाला, पशु चिकित्सा अधिकारी बड़ौत रमेश यादव मौके पर पहुंचे और बीमार पशुओं को तत्काल झज्जर स्थित पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया।
ये बोले...
कुछ गोवंशो को चिचड़ी लगी थी। ग्रामीणों की सूचना पर टीम गौशाला में आई थी और गोवंशों को इंजेक्शन लगाए थे। इंजेक्शन लगने के बाद हालत बिगड़ने के बाद गौवंशों की मौत हुई है। जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
- गौरव तोमर, प्रधान बावली
- आरोप निराधार हैं। कुछ गोवंशों की आपस में भिड़ंत होने पर मौत हुई है। इंजेक्शन लगाने से कोई मौत नहीं है। फिलहाल स्थिति सामान्य है।
- रमेश यादव, पशु चिकित्सा अधिकारी बड़ौत
- मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पशु चिकित्सकों की जांच के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद त्रिपाठी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी बागपत