मां-बेटियों की मौत का मुद्दा गरमा रहा
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बाछौड़ गांव में पुलिस के दबिश देने के दौरान महिला गीता और दो बेटियों स्वाति व प्रीति की जहरीला पदार्थ निगलने के कारण मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। इस मामले में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) व मुख्य सचिव को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। इसलिए अधिकारी घटना को लेकर गुरुवार देर रात तक लखनऊ से पूरी जानकारी लेते रहे।
छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार ने महिला व दो बेटियों की मौत के मामले को शुक्रवार को विधानसभा में उठाया। वहां विधायक ने कहा कि पुलिस लगातार घर में दबिश देकर उत्पीड़न कर रही थी और महिला व बेटियों के साथ अभद्रता तक की जाती थी। पुलिस के इस उत्पीड़न से तंग होकर ही उन्होंने जहरीला पदार्थ निगला है।
विधायक डॉ. अजय कुमार ने इस मामले में सरकार से उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ही पीड़ित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मुआवजा जिलाधिकारी की तरफ से भेजे जाने वाले प्रस्ताव से अलग दिया जाए।