उत्तर प्रदेश के बागपत में जिला पंचायत चुनाव में भाजपा के मददगार बने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओंकार यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष किरणपाल उर्फ बिल्लू प्रधान को सपा से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। दोनों पर सपा की जिला पंचायत सदस्य बबली देवी को भाजपा में शामिल कराने व अन्य सदस्यों पर भी दबाव बनाने का आरोप लगा था। जिसकी जांच पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपने स्तर से कराई थी।
भाजपा के पास जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ाने के लिए अनुसूचित जाति की महिला प्रत्याशी नहीं थी। सपा छोड़कर आईं बबली देवी को भाजपा ने अपना जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया था। ओंकार यादव वर्ष 2000 में जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे। इस बार उनकी पत्नी तारा यादव वार्ड-17 से निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ी थी। रालोद प्रत्याशी शाहिदा ने उन्हें चुनाव में शिकस्त दी थी।
सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी का कहना है कि ओंकार यादव और बिल्लू प्रधान के पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की जानकारी पार्टी को मिली थी। शीर्ष नेतृत्व ने अपने स्तर से इसकी जांच कराई थी। दोषी पाए जाने पर दोनों को छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया।