जिसमे 14 लाख 16 हजार रुपए की वसूली के लिए 18 अप्रैल को जमीन की नीलामी की चेतावनी दी गई थी। जिसके बाद रिटायर्ड फौजी मानसिक तनाव में चला गया और शनिवार को हार्ट अटैक होने से मौत हो गई।
उधर मृतक के परिजनों ने बैंक पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। उधर घटना के बाद मौके नायब तहसीलदार, किसान संगठन के उपाध्यक्ष अन्नू मालिक भी मौके पर पहुंचे।
इस मामले में भूमि विकास बैंक के प्रबंधक विशाल तोमर ने बताया कि राजवीर ने ऋण लेने के बाद 2020 तक 52 हजार रूपए जमा किए जबकि वर्ष 2022 में किस्तों में एक लाख रुपए जमा किए। ऋण जमा नहीं होने के कारण राजवीर की आरसी तहसील भेजी गई। अब तहसील की तरफ से कार्रवाई हो रही है।