बागपत में विधानसभा चुनाव 2007 में बिनौली थाने में दर्ज हुए आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे में भाजपा विधायक व पूर्व विधायक ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया। जिन्हें न्यायालय से जमानत मिल गई।
बरनावा विधानसभा सीट से रालोद प्रत्याशी सतेंद्र सोलंकी के कार्यालय का 29 मार्च 2007 को जिवाना गुलियान गांव में उद्घाटन किया गया था। जहां बिना अनुमति भीड़ इकट्ठा होने पर पुलिस ने प्रत्याशी सतेंद्र सोलंकी, वर्तमान में भाजपा विधायक योगेश धामा, पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, राजू सिरसली, हरेंद्र सोलंकी, रामपाल सिंह यादव, अप्पू प्रधान समेत कई नामजद व सैंकड़ों अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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वहीं बृहस्पतिवार को भाजपा विधायक योगेश धामा व बसपा के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जिन्हें न्यायालय से जमानत मिल गई।
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न्यायालय में भिड़े दो पक्ष
पुलिस के अनुसार जिवाना गुलियान निवासी रविदत्त व सुशील और टीकरी निवासी शिवनारायण व निधि बृहस्पतिवार को एक मामले में परिवार न्यायालय में आये थे। बताया कि जहां दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने लगी और देखते ही देखते मारपीट होने लगी। कोतवाली प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि कचहरी चौकी पुलिस ने दोनों महिलाओं समेत चार को हिरासत में लेकर शांतिभंग में चालान कर दिया।