नरेश टिकैत बुधवार को दोघट कस्बे में राजेंद्र चौधरी के आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के साथ मिलकर बाबा महेंद्र सिंह टिकैत ने संघर्ष किया और फिर पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह का हर जगह साथ दिया। अब केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह के साथ खड़े हैं। कहा कि मेरा हलवाई के ततैये वाला बयान सिर्फ चौधरी जयंत को समझाने के उद्देश्य से दिया गया था। मेरे बयान को विवादित बना दिया गया, जबकि मेरा मकसद सिर्फ संवाद और समझाना था। हमें यह सब भूलकर किसानों के हित में कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता किसानों के लिए नुकसान वाला साबित होगा। यदि अमेरिका की कंपनी देश में आती है तो किसानों के लिए खतरनाक साबित होगा। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह का समझौता करने से पहले किसानों की राय जरूर ली जाए। इस समझौते के खिलाफ भाकियू किसानों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के आसार है।
जिपं चुनाव में निर्विरोध प्रत्याशी को चुनें
नरेश टिकैत ने कहा कि जिला पंचायत चुनाव निष्पक्ष होना चाहिए और निर्विरोध प्रत्याशी को चुनना चाहिए। इससे चुनाव में झगड़े भी कम होंगे और फिजूलखर्ची पर रोक लगेगी। इस चुनाव में भाकियू हिस्सा नहीं लेगी। जिस प्रत्याशी के साथ कम वोट है, वह चुनाव न लड़े, दूसरे को समर्थन दें। कहा कि चीनी मिलों को 14 दिन में किसानों का गन्ना भुगतान करना चाहिए और आंदोलन करने वाले किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस होने चाहिए।
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