विधायक नंद किशोर गुर्जर सोमवार को बागपत के डगरपुर गांव में गुर्जर समाज की बैठक में भाग लेने आए थे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदुओं को हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। ममता बनर्जी तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं। उन्हें हटाकर वहां राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए। पश्चिम बंगाल में 40 लाख से ज्यादा रोहिंग्या तथा बांग्लादेशी रह रहे हैं। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हुई हिंसा पर संज्ञान लेकर फोर्स भेजी है।
उन्होंने कहा कि देश का बंटवारा धार्मिक आधार पर हुआ था। तब मुस्लिमों ने कहा था कि हम यहां की मान्यता के अनुसार रहेंगे, लेकिन आज वह मालिक बनकर रहना चाहते हैं। वक्फ की जमीन को लेकर कहा कि यह जमीन हिंदुओं तथा उन गरीब मुस्लिमों की है, जिनका धर्म परिवर्तन कराया गया था। इसलिए वक्फ की जमीन इन्हें वापस लौटाई जाए। भारत में जमीन का एक भी टुकड़ा वक्फ का नहीं है।
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उन्होंने दिल्ली के उप राज्यपाल को पत्र लिखा है कि दिल्ली में वक्फ की जमीन हिंदुओं को वापस कराई जाए। सनातन धर्म को मानने वाले समझ रहे हैं कि देश में जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां हिंदुओं के साथ इंसाफ हो रहा है। भाजपा सरकारों में कहीं भी हिंदू-मुस्लिम झगड़े नहीं होते, बल्कि विकास हो रहा है।
घुड़चढ़ी के दौरान महिलाएं डांस नहीं करेंगी
डगरपुर गांव में लोगों ने मध्यप्रदेश में गुर्जर समाज की पंचायत में हुए फैसले का समर्थन किया कि घुड़चढ़ी के दौरान महिलाएं डांस नहीं करेंगी और रोड पर डीजे नहीं बजेगा। उसको अन्य जगह भी लागू करने की बात कही गई। इस दौरान पूर्व प्रधान श्रीनिवास, जिला पंचायत सदस्य मनुपाल बंसल, चौ. किरणपाल सिंह, चौधरी महराज सिंह और भरत सिंह आदि मौजूद रहे।