Death due to leakage of poisonous gas: मलकपुर शुगर मिल के ईटीपी प्लांट में गैस रिसाव होने से गार्ड सुरेश शर्मा की मौत हो गई। प्रदीप शर्मा, हामिद समेत तीन मजदूर बेहोश हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुरेश शर्मा के परिजनों का रोकर बुरा हाल है।
बड़ौत स्थित मलकपुर शुगर मिल के ईटीपी प्लांट में मंगलवार शाम हुए भयावह गैस रिसाव ने एक व्यक्ति की जान ले ली और तीन गंभीर रूप से बीमार हो गए। इस घटना ने मिल परिसर में हड़कंप मचा दिया। 50 से अधिक मजदूर अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे।
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जानकारी के अनुसार, मलकपुर शुगर मिल के एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) में शाम के समय गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस की गंध फैलते ही वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड सुरेश शर्मा (60) निवासी गुराना मार्ग बड़ौत ने रिसाव का श्रोत तलाशना शुरू कर दिया। दुर्भाग्यवश, वे गैस की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सुरेश शर्मा को बचाने के प्रयास में प्रदीप शर्मा, हामिद समेत तीन मजदूर भी गैस के संपर्क में आ गए और बेहोश होकर गिर पड़े। अफरातफरी के माहौल में आसपास काम कर रहे 50 से अधिक अन्य मजदूरों ने तुरंत प्लांट क्षेत्र से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
चिकित्सा और आगे की कार्रवाई
बेहोश हुए तीनों मजदूरों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। हालांकि, गंभीर स्थिति को देखते हुए हामिद सहित दो मजदूरों को मेरठ के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया है, जहां वे गहन चिकित्सा निगरानी में हैं।
परिजनों का आक्रोश और मांग
सुरक्षा गार्ड सुरेश शर्मा की मृत्यु की खबर से उनके परिजनों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने सीएचसी में हंगामा करते हुए मिल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि मिल प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह कौन सी जानलेवा गैस थी, जिससे सुरेश की मौत हो गई।
जांच की मांग
इस घटना ने शुगर मिलों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन से मामले की गहन जांच की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जा सके।