लगातार बारिश और कीचड़ के चलते रेस्क्यू में खासी मुश्किल आई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सभी भैंसों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक आठ भैंसों की मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को बड़ौत अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है, क्योंकि बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा।
प्रशासन की ओर से अभी तक किसी प्रकार की आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की है।