महापंचायत में अंतिम निर्णय सुनाते देशखाफ चौधरी सुरेन्द्र सिंह।
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बागपत वीरों की धरती, अन्याय बर्दाश्त नहीं
महापंचायत में भाजपा सरकार पर साधा निशाना, कृषि कानून वापस लेने की मांग दोहराई
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। महापंचायत में वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। कहा कि ये लड़ाई किसानों के अस्तित्व की है, जिसे एकजुट होकर ही जीता जा सकता है। बागपत वीरों की धरती है, यहां के लोग अन्याय को नहीं सहेंगे।
थांबेदार चौधरी ब्रजपाल सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर लालकिले पर जो हुआ, उससे किसान को बदनाम करने की साजिश की गई। किसान एकजुट हो गया तो कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। चौबीसी खाप चौधरी सुभाष छपरौली व चौगामा चौधरी कृषिपाल राणा ने कहा कि कृषि कानूनों से देश को बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। बागपत वीरों की धरती है। किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने कहा कि अब लाठियों से डर नहीं लगता। रालोद किसानों के साथ है। पूर्व मंत्री कुलदीप उज्ज्वल व पूर्व विधायक राजपाल बालियान ने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ठाठ की जिंदगी जी रहे हैं और किसान सड़कों पर है। किसान लालकिले पर तिरंगे का अपमान नहीं कर सकता है। इसकी जांच होनी चाहिए। सोमेंद्र ढाका एडवोकेट व आचार्य बलजोर सिंह आर्य ने कहा कि जो किसानों के साथ नहीं, उनका बहिष्कार करना चाहिए। तीनों कानून प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाए हैं। पूर्व विधायक अजय कुमार व पूर्व विधायक राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि दिल्ली के घटनाक्रम से किसानों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। मन बहुत दुखी है। हम किसानों के साथ हैं। सपा जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान व पूर्व विधायक गजेन्द्र मुन्ना ने कहा कि किसान बैरिकेडिंग तोड़ सकता है, झगड़ा कर सकता है, लेकिन तिरंगे का अपमान नहीं कर सकता। अब यह लड़ाई अधर में नहीं छोड़ी जाएगी। जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।