बागपत। बागपत महोत्सव ‘अमृतांजलि’ का रविवार को सम्मान समारोह के साथ समापन हो गया। मूलरूप से किरठल गांव व वर्तमान में राजस्थान में रहने वाले विख्यात कवि बलवीर सिंह करुण, डौला गांव के जलपुरूष राजेंद्र सिंह व बासौली गांव के डा. धर्मवीर सिंह को बागपत गौरव सम्मान दिया गया। 18 ग्राम प्रधानों को बेहतर कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा कई अन्य को भी पुरस्कृत किया गया।
बागपत महोत्सव के समापन पर सांसद डा. सत्यपाल सिंह की संस्था सत्य फाउंडेशन की ओर से बागपत गौरव के अलावा भी कई अन्य पुरस्कार दिए गए। बुढेड़ा गांव के रहने वाले सशस्त्र सीमा बल के जवान प्रदीप कुमार को झारखंड में इनामी नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराने पर सत्य वीरता पुरस्कार दिया गया। बड़ागांव के रहने वाले सेवानिवृत्त कर्नल नरेंद्र त्यागी को जैविक खेती करने पर सत्य कृषि पुरस्कार दिया गया। किशनपुर बराल गांव के डा. महक सिंह को सत्य शिक्षा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। छपरौली के अर्पित जैन व बिजरौल की महिमा तोमर को यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करके आईएएस बनने पर सत्य युवा प्रतिभा पुरस्कार दिया गया। लोयन मलकपुर गांव के सुभाष पहलवान को सत्य खेल प्रतिभा पुरस्कार, कंडेरा गांव के जयदेव सिंह को सत्य उद्यमी पुरस्कार, अग्रवाल मंडी टटीरी के अभिमन्यु गुप्ता को सत्य समाजसेवी पुरस्कार व फैजपुर निनाना की ओमवीरी को सत्य महिला सशक्तिकरण पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान डीएम राजकमल यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर, जितेंद्र धामा प्रमुख, कृष्णपाल चेयरमैन आदि मौजूद रहे।
इन 18 ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया
वैक्सीनेशन में सहयोग, सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव व पंचायत सचिवालय की स्थापना कराने में योगदान पर 18 गांवों के प्रधानों को सम्मानित किया गया। इनमें पुसार की मुकेश देवी, मवीकलां की चिंता रानी, किशनपुर की कविता, बदरखा की नीलम, बाछौड़ के विशाल, शेरपुर के विकास, अंगदपुर की कृष्णा, सिरसली के धर्मेंद्र सिंह, फैजपुर निनाना की प्रीति, सिसाना की शालू, मीतली के इंद्रपाल, गूंगाखेड़ी के भूपेंद्र, पिलाना के संजय त्यागी, फतेहपुर की मीनाक्षी, कहरका की सुनीता, सुन्हैड़ा के राजकुमार, सुभानपुर के गजेंद्र, भागौट की मूर्ति देवी को सम्मानित किया गया।
सत्य फाउंडेशन के कई पुरस्कारों पर सवाल उठे
सत्य फाउंडेशन की ओर से कई पुरस्कारों पर लोगों ने सवाल उठाए। कहा गया कि अधिकतर पुरस्कार एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े लोगों को ही दिए गए। ऐसे भी लोगों को प्रतिभाओं के नाम पर पुरस्कार दिए गए जो उस क्षेत्र में पंद्रह साल से नहीं है। जबकि वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाएं इस क्षेत्र में बागपत का नाम रोशन कर रही है।