फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat: सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने आरोपी को बताया बेकसूर, फिर भी कोर्ट ने दी 20 साल की सजा, जानें क्यों

Wed, 02 Jul 2025 12:03 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

Court News: जिले के एक गांव की किशोरी के साथ दो आरोपियों ने दुष्कर्म किया था। कोर्ट ने आरोपी को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। वहीं इस केस के दूसरे आरोपी ने तीन साल पहले आत्महत्या कर ली थी। 
विज्ञापन
कोर्ट। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो संजीव कुमार ने किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना में शामिल राहुल को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन साल की सजा बढ़ाने के आदेश दिए। सामूहिक दुष्कर्म के एक आरोपी ने तीन साल पहले आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन

 

क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने मार्च 2018 को बागपत कोतवाली में अपनी नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना का मुकदमा दर्ज कराया था। वादी ने बताया कि उसकी बेटी खेत में चारा लेने गई थी, तभी राहुल और संदीप वहां आ गए, जिन्होंने उसकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर बेटी की पिटाई कर घायल कर दिया। 
 

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बताया कि तीन साल पहले आरोपी संदीप ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार को सुनवाई पूरी होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो संजीव कुमार ने बीस साल की सजा सुनाई और पचास हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
 
विज्ञापन

एफएसएल रिपोर्ट बनी सजा का आधार
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष पॉक्सो में मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने आरोपी राहुल को बेगुनाह बताया और संदीप पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। इसमें एफएसएल की रिपोर्ट में राहुल की भूमिका भी सामने आई। एफएसएल रिपोर्ट में राहुल और पीड़िता के कपड़ों पर मिले शुक्राणु का आपस में मिलान हो गया, जो मुकदमे में सजा का आधार बने।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें