छपरौली/चांदीनगर। तिलवाड़ा गांव में जानलेवा बुखार से तीन महिलाओं की मौत हो गई, जिससे गांव मेें दहशत फैल गई। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को सूचना दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। इसे लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। उन्होंने अफसरों से गांव में स्वास्थ्य टीम को भेजने की मांग की है।
क्षेत्र में लोगों को बुखार, वायरल, चिकनगुनिया, टायफाइड, मलेरिया और डेंगू ने जकड़ रखा है। शनिवार रात तिलवाडा गांव में जग्गो (65) पत्नी मांगेराम, जरीना पत्नी सलीम और फूल्लो (18) की बुखार के कारण मौत हो गई। दिन निकलने पर ग्रामीणों को मामलों की जानकारी मिली तो पूरे गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को सूचना दी, लेकिन कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना था कि विभागीय अधिकारियों को पहले भी गांव में बीमारी फैलने की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने सीएमओ से मामले की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डा. जितेंद्र वर्मा ने कहा कि उन्हें अभी जानकारी मिली है। गांव में टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी। ग्रामीण शौकेंद्र, प्रवेंद्र, रामपाल, नरेंद्र, इकबाल, महेंद्र, राजेश, इंद्रपाल, ओमपाल, मांगेराम, सलीम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से गांव में चिकित्सा कैंप लगाने की मांग की है।
चांदीनगर। जानलेवा बुखार ने लोगों को पूरी तरह जकड़ा हुआ है। जिस कारण अभी तक दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार की रात रटौल गांव निवासी इस्लाम पुत्र मोहम्मद शरीफ अंसारी (50) की चिकनगुनिया बुखार से मौत हो गई। वो पिछले चार दिन से बुखार मे थे जिसका इलाज निजी चिकित्सक के पास चल रहा था।