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कोरोना से बेपटरी हो गई स्वास्थ्य सेवाएं

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baghpat distirct hospital - फोटो : baghpat distirct hospital
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अलविदा-2020
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स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण योजनाएं थम गई
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। कोरोना के कारण जिले में स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं बेपटरी हो गई। आमजन को जागरूक करने के लिए अभियान थम गए। परिवार नियोजन कार्यक्रम को झटका लगा। टीकाकरण कार्यक्रम भी आयोजित नहीं हो सका।
कोरोना संक्रमण ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सीएमओ डॉ आरके टंडन का कहना है कि कोरोना के कारण आमजन के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलने वाली योजनाओं की रफ्तार धीमी हो गई है। परिवार नियोजन कार्यक्रम, टीकाकरण, ऑप्रेशन, सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी के अलावा जनस्वास्थ्य मेलों का आयोजन नहीं किया जा सका। इमरजेंसी के अलावा कोई अन्य काम नहीं हो सके।
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मई में पहली मौत, अब तक 32
माह कोरोना से मौत
मार्च 00
अप्रैल 00
मई 01
जून 03
जुलाई 07
अगस्त 06
सितंबर 06
अक्तूबर 01
नवंबर 06
दिसंबर 02
मार्च में मिला था पहला संक्रमित
बागपत। जिले में कोरोना संक्रमण का पहला केस मार्च महीने में मिला था। सरूरपुर कलां का विदेश से आया युवक संक्रमित मिला था। डीएम शकुंतला गौतम ने गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक किया था।
बंद पड़ा जनऔषधि केंद्र
बागपत। जिला अस्पताल के परिसर में मौजूद जन औषधि केंद्र के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो सका। जिससे सस्ते दामों में उपलब्ध हो रही दवाईयां भी लोगों को महंगे दामों में खरीदनी पड़ रही है।
खत्म नहीं हो सका कुपोषण
बागपत। जिले में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 807 और कुपोषित बच्चों की संख्या 2775 है। जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में छह बच्चे भर्ती हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
बागपत। मिलावटी शराब पीने से जिला अस्पताल लाए गए ग्रामीण को बचाया नहीं जा सका। इससे परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाया। ग्रामीणों ने कहा कि ट्रामा सेंटर चालू नहीं है, जिस कारण सही इलाज नहीं मिल सका।
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ऑप्रेशन के दौरान हुई मौत
बागपत। बिनौली में महिला की नसबंदी के ऑप्रेशन के दौरान कट लग जाने से मौत हो गई। प्रकरण की जांच चल रही है।
स्टाफ नर्स की भर्ती का मामला गूंजा
बागपत। स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम में सेंध लगाकर फर्जी ऑफर लेटर के जरिये स्वास्थ्य विभाग में 12 स्टाफ नर्स भर्ती हो गई। तत्कालीन सीएमओ डॉ जितेंद्र वर्मा ने जांच कराई तो मामला खुल गया।
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