अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ पूनम राजपूत ने देशखाप चौधरी सुरेंद्र तोमर के भतीजे राहुल की हत्या में पत्नी प्रिया और उसके प्रेमी विकास निवासी दोघट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 42-42 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर एक-एक साल की सजा बढ़ाई जाएगी।
बड़ौत की साकेत कॉलोनी निवासी विवेक ने 20 जून 2021 को बड़ौत कोतवाली में अपने जीजा निवासी शताब्दीनगर की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। विवेक ने बताया कि उसके जीजा राहुल 19 जून को दस मिनट में घर वापस आने की बात कहकर गए लेकिन वापस नहीं लौटे।
अगले दिन राहुल का बोरे में बंद शव छपरौली चुंगी पुल के समीप नहर में पड़ा हुआ मिला। पुलिस ने जांच के बाद मृतक की पत्नी प्रिया और उसके प्रेमी विकास निवासी दोघट को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने दावा किया कि विकास के साथ अनैतिक संबंधों के बारे में राहुल को पता चल गया था, इसका विरोध करने पर दोनों ने हत्या की साजिश रची। प्रिया ने खाने में मिलाकर राहुल को नींद की गोलियां खिलाईं और फिर प्रेमी संग मिलकर रस्सी से उसका गला घोंट दिया। प्रिया और विकास ने राहुल को मृत समझकर बोरे में बंद करके उसे सिल दिया और फिर छपरौली चुंगी के समीप नहर में फेंक दिया।
पानी में डूबने से राहुल की मौत हो गई, जिसका पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था। पुलिस ने प्रिया और विकास के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय चतुर्थ में हुई और अभियोजन पक्ष की तरफ से दस गवाहों ने गवाही दी। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश पूनम राजपूत ने दोनों पर दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावस की सजा सुनाई।