उत्तर प्रदेश के बागपत में बहन की मौत पर छुट्टी न मिलने पर हेड कांस्टेबल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल करते हुए अधिकारियों से इसकी शिकायत की। वहीं मामला वायरल होने पर अधिकारियों ने जांच कराई और सिपाही को बुलाकर पूछताछ की तो सिपाही बयान से पलट गया। जिसके बाद सिपाही ने दूसरा वीडियो वायरल करते हुए सफाई दी है।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर सिपाही ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि सर मैं बहुत आहत हूं। एक-डेढ़ साल में 10-12 कांस्टेबल आत्महत्या कर चुके हैं। पर किसी भी अधिकारी, नेता का कोई बयान नहीं आया। मेरठ में सिपाही ने फांसी लगाकर व अयोध्या में सिपाही ने राइफल से गोली मारकर आत्महत्या की। क्या किसी ने कभी सोचा कि ये आत्महत्या क्यों हो रही है? क्या संज्ञान लिया।
वीडियो में हेड कांस्टेबल ने आगे कहा- हम क्या इंसान नहीं हैं, क्या हमारी समस्या नहीं हो सकती है। हम इतने प्रेशर में क्यों रहते हैं। न हम अपने घर को देख सकते हैं और न परिवार को। 20 जुलाई को मेरी बहन की मृत्यु हुई। तब भी मुझे छुट्टी नहीं मिली। बहन के दो बच्चों की जिम्मेदारी भी मेरे पर है। हमारी पोस्टिंग इतनी दूर कर दी जाती है, न हम अपने बच्चों को रख सकते हैं, न बीमार मां को देख सकते हैं और न परिवार को। कम से कम इतना अनुरोध है सर बार्डर स्कीम हटा दीजिए।
जांच हुई तो पुलिसकर्मी बयान से पलटा
बहन की मौत होने के बाद भी छुट्टी नहीं मिलने और उत्पीड़न झेलने की बात कहकर वीडियो वायरल करने वाला सिपाही अपने बयान से पलट गया। वायरल वीडियो में सिपाही ओमवीर ने पुलिस अधिकारियों पर बहन की मौत होने और छुट्टी नहीं देने के आरोप लगा थे।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारी हरकत में आए और उन्होंने सिपाही ओमवीर को बुलाकर जांच की। जिसके बाद सिपाही बयान ने पलट गया और उसने दूसरा वीडियो जारी कर सफाई दी। दूसरी वीडियो में सिपाही ने बहन की मौत के बाद दो बार छुट्टी मिलने की बात कही। इस मामले में एएसपी मनीष कुमार मिश्र का कहना है कि सिपाही ने भावुक होकर गलत बयान देकर वीडियो वायरल किया था। उसने अपनी गलती स्वीकार की है। सिपाही की बहन की मौत होने पर छुट्टी देकर घर भेज दिया गया था।