किसान दिवस पर आगे बैठने को लेकर चौधरी नरेश पाल और प्रधान बिजेंद्र सिंह के बीच हाथापाई हो गई। दोनों संगठनों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने दोनों पक्षों से शांति रखने की अपील की।
विकास भवन सभागार में बुधवार को किसान दिवस में कुर्सी पर आगे बैठने को लेकर अधिकारियों के सामने ही लात-घूंसे चले और खूब गालीगलौज हुई। भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष व सेवानिवृत्त दरोगा चौधरी नरेशपाल सिंह और भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता व मौजिजाबाद नांगल के प्रधान बिजेंद्र सिंह आपस में भिड़ गए। बिजेंद्र सिंह ने चौधरी नरेशपाल को घूंसाकर मार दिया। उनकी नाक से खून निकलने लगा, सिर में चोट आने की बात कही गई। पुलिस ने उन्हें बचाकर अस्पताल भेजा।
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किसान दिवस दोपहर में 12 बजे शुरू हुआ, तब प्रशासनिक अधिकारी चंद कदम दूर बहुद्देशीय क्रीड़ा हॉल में केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह के कार्यकम में मौजूद थे। जबकि जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव और जिला विकास अधिकारी अखिलेश चौबे की मौजूदगी में किसान बैठक शुरू की गई।
इसके दस मिनट बाद भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता बिजेंद्र सिंह आकर सबसे आगे वरिष्ठ अधिकारियों के बराबर वाली कुर्सी पर बैठ गए। दोघट के रहने वाले भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष चौ. नरेशपाल सिंह ने इस पर आपत्ति जताई और उनके बीच कहासुनी हो गई। दोनों कुर्सिंयों से खड़े होकर एक-दूसरे से हाथापाई करने लगे।
तभी उनके समर्थक किसानों में गाली-गलौच होने लगी और लात-घूंसे चलने लगे। वहां एक किसान किसी को मारने के लिए लोहे का पाइप लेकर दौड़ा, जिसे बीच-बचाव करा रहे अन्य किसानों ने रोका। वहां मामला शांत होने लगा तो एक पक्ष ने दूसरे को दलाल कह दिया और दूसरे पक्ष ने उनकी किसान यूनियन को सरकारी होने का आरोप लगा दिया। इस पर दोबारा से हंगामा हो गया और किसान मेज पर चढ़ गए तो कागज भी फाड़ दिए गए।
अधिकारियों के समझाने के बाद भी नहीं हुए शांत
जिला विकास अधिकारी अखिलेश कुमार चौबे तथा जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने मामला शांत कराने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन उनकी बात किसी ने नहीं सुनी। इसकी वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। भाकियू जिलाध्यक्ष चौ. प्रताप सिंह गुर्जर ने भी मामला शांत कराने का प्रयास किया। 15 मिनट बाद एसडीएम अविनाश त्रिपाठी पुलिस लेकर पहुंचे। इसके बाद मामला शांत कराया गया।
भाकियू अराजनैतिक जिलाध्यक्ष नरेशपाल की नाक से खून निकलने लगा तो उन्होंने सिर में चोट लगने की बात कही। उनका पुलिस ने उपचार कराया और इसके बाद उन्होंने दूसरे पक्ष के चार-पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी। इसके बाद वह किसान दिवस के बहिष्कार की बात कर वहां से समर्थकों संग चले गए।
वहीं, भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता बिजेंद्र सिंह का आरोप है कि नरेशपाल सिंह ने उनपर अशोभनीय टिप्पणी की। उन्होंने पहले भी इस तरह की टिप्पणी करने का आरोप लगाया। भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष चौ. प्रताप सिंह गुर्जर ने कहा कि विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है। भाकियू सभी किसानों का सम्मान करती है।
सिसौली तक पहुंची विवाद की गूंज
किसान नेता चौ. इंद्रपाल सिंह ने बताया कि भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत ने फोन कर घटना की जानकारी ली। किसानों को विवाद नहीं करने तथा शांति बनाए रखने की बात कही। वहीं विवाद की सूचना मिलने पर दोनों पक्षों के काफी समर्थक विकास भवन पहुंचे। मगर वहां किसी तरह मामला शांत किया गया।