बागपत। बुखार मौत बनकर कहर ढा रहा है। अकेले सितंबर माह के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। बुखार से 32 लोगों की जान गई। मौत का शिकार होने वालों में अधिकतर संख्या बुजुर्गों की है। स्कूली से लेकर सरकारी दफ्तरों तक बुखार का प्रकोप साफ देखने को मिला।
चिकनगुनिया ने लोगों को ऐसा जकड़ा कि बुखार उतर गया, लेकिन शरीर का दर्द अब तक तड़पा रहा है। डेंगू से मौत के भी इक्का-दुक्का मामले सामने आए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इसे केवल वायरल ही करार दिया। फौरी तौर पर कैंप लगाकर दवा बांटने की पहल हुई, लेकिन इससे किसी को बड़ा फायदा नहीं हुआ। बुखार का कहर बढ़ने से प्राइवेट डॉक्टरों की चांदी रही।
सीएमओ डॉ. रविंद्र मिश्रा कहते हैं कि दिल्ली में चिकनगुनिया का प्रकोप फैलने से उसका असर यहां तक आया। बागपत के लोग अधिकतर दिल्ली अप डाउन करते हैं। ऐसे एरिया जो दिल्ली और गाजियाबाद से सटे हैं, उनमें भी बुखार का प्रकोप देखने को मिला। जो मौतें हुई है, उनकी जांच कराई जा रही है। फिलहाल बुखार का प्रकोप कम होने लगा है।
इलाज के लिए सरकारी सिस्टम है, लेकिन कहीं डॉक्टर नहीं तो कहीं दवा उपलब्ध नहीं। बागपत में सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। दाहा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मेसिस्ट ही दवा ेबांटते हैं। जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञों का टोटा है। सीएमओ डॉ. रविंद्र मिश्रा कहते हैं कि डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी है, जिसकी चिट्टी समय-समय पर शासन को भेजी जाती है।
इनके लिए मौत बना फीवर
बागपत में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 32 पर पहुंच चुका है। विनयपुर में भूप सिंह (60), जौनमाना में कुलदीप (28), खेकड़ा में नसीम (13), ललियाना में अनीता (40), डगरपुर में धन्नू (60), धन सिंह (62), बरनावा में शबनूर (42), गौसपुर में शोएब (15), रटौल में रेहाना (30), इलियास (60), अशरफाबाद थल में सोनू (07), डगरपुर में गंगाशरण (45), टुकाली में बबीता (30), विनयपुर में रहीमुदीन (55), दोघट में सुरेश पंवार (55), तवेला गढ़ी में राजपाल सिंह (65), पिलाना में विदुषी (11), बिलौचुरा में शायरा (30), आरजू (11), हिना (36), खेकड़ा में असलम (55), जुबैर (13), महनवा में सोनी (27), रटौल का कंदर (75), उमर मोहम्मद (50), सांकल पुट्ठी का चेतन (65), दीपा (15), जिवाना गुलियान की विशा सोलंकी (25), ललियाना की अनीता (40), बड़ागांव की रितु (17), फजलपुर सुंदरनगर का राजकुमार (60) की मौत हो चुकी है।