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Baghpat: राजुद्दीन को चेयरमैन पद से हटाने पर भाजपा-रालोद में ठनी, ये बोले जिलाध्यक्ष, राजुद्दीन ने कही ये बात

Sat, 29 Nov 2025 11:38 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

नगर पालिका बागपत के चेयरमैन पद से राजुद्दीन को हटाने आ आदेश शासन ने दिया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की गई थी। अब जिले की भाजपा और रालोद में इस मुद्दे पर टकराव होता दिख रहा है। 
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चेयरमैन पद से हटाए गए राजुद्दीन एडवोकेट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगर पालिका चेयरमैन के पद से रालोद के राजुद्दीन एडवोकेट को हटाए जाने के बाद घमासान शुरू हो गया है। इस कार्रवाई को लेकर नेता और सभासद बंट गए हैं। जहां रालोद नेताओं ने इसको गलत बताया तो भाजपा के काफी नेताओं ने इसे योगी सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति के तहत बताया। वहीं चेयरमैन की जगह शनिवार यानी आज किसी अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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बागपत गन्ना समिति के चेयरमैन प्रदीप ठाकुर की शिकायत पर नगर पालिका के चेयरमैन पद से राजुद्दीन को शासन ने बृहस्पतिवार को हटा दिया। उन पर पद का दुरुपयोग करते हुए नगर पालिका की खाली हुई दुकानों का आवंटन नियम विरुद्ध करने का आरोप था। इसके अलावा दस, बीस, पचास, सौ रुपये के स्टांप के आधार पर 739 प्लॉटों को संपत्ति कर के रिकॉर्ड में दर्ज कराने का आरोप था। इसमें उनको दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई।
 

इसमें अब नगर पालिका के संपत्ति कर समेत अन्य ब्रांच के अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिनकी फाइल आयुक्त के पास चल रही है। वहीं राजुद्दीन को पद से हटाए जाने पर जिले में घमासान शुरू हो गया। रालोद के अधिकतर नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित और गलत बताया। वहीं भाजपा के नेताओं ने इस कार्रवाई को सही बताया और भ्रष्टाचार करने वालों पर इस तरह की कार्रवाई जरूर होने की बात कही। इस तरह सभासद रेनू वशिष्ठ, श्रीपाल ने इस कार्रवाई को सही बताया है। सभासद निगम शर्मा ने इस कार्रवाई को गलत बताया।
 

इस मामले को राजुद्दीन ने राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि इसमें पहले मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद हाईकोर्ट का सहारा लिया जाएगा और वहां सभी सबूत रखे जाएंगे।
 

घपलों की दो फाइलों में जांच तेज हुई
नगर पालिका में हुए घपलों की अन्य फाइलों में जांच तेज हो गई है। शहर के पक्का घाट पर श्मशान घाट के निर्माण में घोटाले के आरोप और केतीपुरा में भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए कब्रिस्तान की जमीन में इंटरलॉकिंग लगवाने के आरोप की फाइलों में जांच काफी आगे तक हो चुकी है। इनमें अभी तक की जांच में घपला मिल चुका है। इनके अलावा नगर पालिका के बाहरी क्षेत्र में कार्य कराकर रुपये खर्च करने और सब्जी मंडी में अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कराकर आवंटन करने के आरोपों की जांच भी तेज कर दी गई।
 

शामली के भभीसा गांव से यहां आकर बसा था परिवार
चेयरमैन रहे राजुद्दीन एडवोकेट का परिवार मूलरूप से शामली के भभीसा गांव का रहने वाला है। उनके पिता फकरूद्दीन करीब 40 साल पहले यहां आकर परिवार के साथ बस गए थे। वह बागपत शुगर मिल में नौकरी करते थे। राजुद्दीन सबसे पहले वर्ष 1995 में चेयरमैन बने थे। इसके बाद इनको ओमवती ने हरा दिया था और फिर पवन गुप्ता ने हराया था। राजुद्दीन दूसरी बार वर्ष 2013, तीसरी बार वर्ष 2018 और चौथी बार वर्ष 2023 में चेयरमैन बने थे।

पहले पवन गुप्ता और अब राजुद्दीन पर हुई कार्रवाई
बागपत नगर पालिका में राजुद्दीन ऐसे दूसरे चेयरमैन हैं, जिन पर शासन से कार्रवाई हुई है। इससे पहले वर्ष 2010 में चेयरमैन रहे पवन गुप्ता के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए थे। इस तरह से चेयरमैन पद से हटाने की कार्रवाई पहली बार किसी चेयरमैन पर हुई है।
 

चेयरमैन पद से राजुद्दीन के हटने पर मिठाई बांटकर खुशी मनाई
चेयरमैन पद से राजुद्दीन को हटाए जाने पर शुक्रवार को बागपत के मुगलपुरा मोहल्ला और घनश्याम दास मार्ग पर लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। लोगों ने कहा कि सरकार ने सही कार्रवाई की है। अब शहर में विकास कार्य होने की उम्मीद है। इस दौरान शादाब अल्वी, डॉ.आशु, मोमीन अल्वी, जहीर, चौधरी हबीब, इंतजार, फरहान, चांद आदि मौजूद रहे।
 

भ्रष्टाचार साबित हुआ तो जिला छोड़ दूंगा : राजुद्दीन
चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद शुक्रवार को राजुद्दीन ने अपने आवास पर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि मेरी छवि बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। कुछ लोग मुझे चुनाव में नहीं हरा सके, इसलिए ऐसा कराया जा रहा है। वह लोग गुल्लक रखकर चुनाव करवा लें, सब पता चल जाएगा। 
 

उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता शहर की जगह बाहर के रहने वाले हैं। उन्होंने शासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदीप ठाकुर की शिकायत वोट कटवाने और हाउस टैक्स को लेकर थी, लेकिन शासन ने इसे गलत रूप दिया। मैंने मानवता के नाते तीन-चार मृतक लोगों के परिजनों के नाम दुकानें की थी। इसके अलावा किसी भी तरह का भ्रष्टाचार नहीं किया। मेरे ऊपर भ्रष्टाचार साबित हो जाएं तो मैं न सिर्फ पालिका, बल्कि जिला छोड़ दूंगा।
 

ये बोले भाजपा जिलाध्यक्ष
- सरकार ने राजुद्दीन को चेयरमैन के पद से हटाने का फैसला सबूतों के आधार पर लिया है। वह जांच में दोषी पाए गए तो उनका पद से हटा दिया गया। योगी सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों के तहत यह कार्रवाई की गई है। 
- वेदपाल उपाध्याय, जिलाध्यक्ष भाजपा
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ये बोले रालोद जिलाध्यक्ष
रालोद इस मामले में राजुद्दीन एडवोकेट के साथ है। इस मामले में कोई भी कार्रवाई करने से पहले उनका पक्ष सुनना चाहिए था। इस तरह जनता के चुने हुए प्रतिनिधि पर ऐसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी। 
- डॉ. सुभाष गुर्जर, जिलाध्यक्ष रालोद
 
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