कई प्रांतों में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद जिला प्रशासन द्वारा बाहरी जनपदों व राज्यों से जनपद में पंजीकृत व गैर पंजीकृत 31 मुर्गी पालन के लिए बने फार्म में फिर से मुर्गियां लाने की अनुमति मिल गयी है। अब हर रोज अफसर इन मुर्गी पालनों का निरीक्षण करेंगे।
उल्लेखनीय है कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। इससे सावधान रहने के लिए शासन से अलर्ट जारी हुआ है। जिले में भी गाइड लाइन जारी हो गई थी। पशु पालन विभाग के आंकड़ो के अनुसार जनपद में 11 पंजीकृत मुर्गी पालन केंद्र हैं। जिन में लगभग 2.50 लाख मुर्गियां है।
इसके अलावा 20 छोटे-बड़े मुर्गी पालन केन्द्र है, जिनमें लगभग 1.50 लाख मुर्गियां है, यानी जनपद में कुल 4 लाख मुर्गियां है। जिन पर हर रोज बड़े पैमाने पर मुर्गियों का आगवामन होता था, जिस पर रोक लगा दी गयी थी। लेकिन जनपद में कोई केस न मिलने पर फिर से मुर्गी फार्म संचालकों को बाहरी जनपदों व राज्यों से मुर्गियां लाने के लिए अनुमति दे दी गयी है।
अब इन फार्म का हर रोज अधिकारी हाल परखेंगे। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा खुशीराम ने बताया कि लखनऊ से बाहरी जनपदों व राज्यों से मुर्गियां को लाने पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन अब फिर से अनुमति मिल गयी है, क्योंकि जनपद में अभी तक कोई केस नहीं मिला।
ये की अपील
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा खुशीराम ने अपील की कि यदि मृत पक्षी मिलता है तो मृत पक्षी को छुए नहीं। अफवाओं पर ध्यान न दें। जिन क्षेत्रों में बर्ड फ्लू की सूचना प्राप्त हो उसके आसपास भ्रमण न करें। संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से बचें। उनको हाथों से दाना आदि खिलाने से बचें। उन्होंने बताया कि जनपद में शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर के अलावा हरियाणा व दिल्ली आदि जगहों से मुर्गियां सप्लाई होती है।