बताया कि ईद उल अजहा पर्व के अवसर पर कुर्बानी के लिए अलग-अलग जगहों पर लाए गए 250 बकरों को जैन समाज के लोगों ने बाजार से अधिक दाम देकर खरीद लिया। ऐसा कर उन्हें जीवनदार दिया गया है।
कस्बे की बकराशाला के प्रधान विनोद जैन, विरेंद्र जैन ने बताया कि हर साल ईद से पहले देशभर में रहने वाले जैन समाज के लोग बकरे खरीदकर जीवनदान देने का काम करते हैं और उन्हें बकराशाला में रखवा दिया जाता है।
बकराशाला में बकरों का पालन पोषण की व्यवस्था भी समाज के लोग करते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार बकराशाला में पिछले दस दिन में 250 बकरे लाए गए हैं, जिनकी कीमत करीब बीस लाख रुपये से अधिक है। बकराशाला में अब 450 से अधिक बकरे रखवाए गए हैं।